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‘पर्थ की पिच औसत’, सचिन तेंडुलकर ने ICC की आलोचना की

नई दिल्ली
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने पर्थ स्टेडियम की पिच को ‘औसत’ रेटिंग देने पर इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की आलोचना की है। दरअसल, मैच रैफरी रंजन मदुगले ने पर्थ की पिच, जहां ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच दूसरा टेस्ट खेला गया, को औसत करार दिया था, जो टेस्ट मैदानों की पिच और आउटफील्ड के लिए सबसे खराब रेटिंग है। इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 146 रन से हराकर सीरीज में 1-1 से बराबरी की थी। 

पिच को लेकर आईसीसी के फैसले पर सचिन तेंडुलकर नेअपने ट्वीट में लिखा- पिच की अहम भूमिका होती है… खासकर टेस्ट क्रिकेट में। टेस्ट क्रिकेट को फिर से स्थापित करने और इसे रोचक बनाने के लिए हमें चाहिए कि पर्थ जैसी और पिच बनाई जाए, जिसमें बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के खेल कौशल की परीक्षा हो सके। उस पिच (पर्थ) को औसत कहने का कोई अर्थ नहीं। 

इससे पहले पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों मिशेल जॉनसन और माइकल वॉन ने भी आईसीसी की आलोचना की थी। जॉनसन ने ट्विटर पर लिखा थी, ‘पिच में कोई खराबी नहीं थी। बल्ले और गेंद के बीच जंग देखकर अच्छा लगा। आम तौर पर बेजान सपाट पिचें देखने को मिलती है। मैं जानना चाहता हूं कि अच्छी पिच क्या होती है। उम्मीद है कि एमसीजी पर भी टेस्ट रोमांचक होगा।’ 

जॉनसन ने लिखा था, ‘असमान उछाल अक्सर देखने को मिलता है जब पिच टूटती है। क्या यह उस पिच से अलग है जहां गेंद एक मीटर या ज्यादा स्पिन लेती है और नीची रहती है।’ वॉन ने ट्वीट किया था, ‘और फिर वे हैरान होते हैं कि टेस्ट क्रिकेट खराब दौर से क्यो जूझ रहा है। यह बेहतरीन पिच थी जिस पर सभी को मदद मिली। इस तरह की और पिचें होनी चाहिए।’ 

बता दें कि पर्थ की पिच पर इतना उछाल था कि मोहम्मद शमी की गेंद ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच के दाहिने दस्ताने पर लगी और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। उनके हाथ में चोट लगी थी।