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Ind vs Aus: राहुल के बल्ले को लगा जंग, रनों के लिए तरस रहा यह बल्लेबाज

 कई क्रिकेटर ऐसे हुए हैं जिन्हें एक या खराब प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया और फिर कभी वापसी का मौका नहीं मिला। लेकिन कई खिलाड़ी ऐसे भी रहे जिन्हें कप्तान के विश्वास या वरदहस्त के कारण खराब प्रदर्शन के बावजूद बार-बार मौके मिलते रहे। इस श्रेणी के कई क्रिकेटरों ने तो बाद में अपनी उपयोगिता साबित कर टीम में जगह पक्की कर ली लेकिन सलामी बल्लेबाज केएल राहुल के लगातार खराब प्रदर्शन की वजह से अब तो कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री पर भी उंगलियां उठने लगी हैं।

राहुल लंबे समय से खराब दौर से गुजर रहे है और यदि उनके पिछले 10 टेस्ट मैचों पर नजर डाली जाए तो उन्होंने इनमें 25.76 की औसत से मात्र 438 रन बनाए हैं, जो किसी भी लिहाज से दुनिया की नंबर वन टीम के ओपनर के लिए ठीक नहीं है। इस दौरान वो मात्र 1 बार 50 से ज्यादा का आंकड़ा पार कर पाए और वो भी उन्होंने ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी में बनाया था जब उन्होंने 149 रन बनाए थे।
 
वेस्टइंडीज जैसी कमजोर टीम के खिलाफ अपने घर में खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज में राहुल का बल्ला नहीं चला था, जहां भारत ने आसानी से टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी। राजकोट में पहले टेस्ट में वो खाता भी नहीं खोल पाए थे जबकि युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने इसमें शतक जड़ा था। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी इस मैच में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था और भारत ने यह मैच पारी के अंतर से जीता था। हैदराबाद में भी राहुल असफल रहे थे और पृथ्वी ने इस मैच में भी प्रभावी प्रदर्शन किया था।

यह तय माना जा रहा था कि राहुल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मौका नहीं मिलेगा लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से पृथ्वी शॉ को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में चोट लगी और राहुल को अपनी किस्मत संवारने का मौका मिला लेकिन वे शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों में असफल रहे। वे कंगारू टीम के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों में सिर्फ 48 रन बना पाए।
 

लगातार असफलता के बावजूद मिल रहे मौकों को लेकर राहुल का तो मजाक उड़ाया ही जा रहा है लेकिन कोहली और शास्त्री पर भी निशाना साधा जा रहा है। टखने की चोट के चलते पृथ्वी के सीरीज से बाहर होने के बाद मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया गया है। मयंक को वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए भी टीम में चुना गया था लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था। मयंक को मेलबर्न में 26 दिसंबर से होने वाले तीसरे टेस्ट मैच में मौका मिलना तय है और यदि उन्होंने इस मौके को भुना लिया तो कुछ हद तक राहुल के टेस्ट करियर पर विराम लग जाएगा।