बीसीसीआई इन दिनों लगातार किसी ना किसी समस्या में फंसती हुई नजर आ रही है. अभी कुछ दिन पहले आईसीसी ने 160 करोड़ की मांग की है. अब मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर हुई है. जिसके बाद बीसीसीआई की समस्या और भी बढ़ सकती है. बीसीसीआई को अपना नाम बदलना पड़ सकता है.
मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है

मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर अधिकारियों को बीसीसीआई के खिलाफ कथित तौर पर सरकार से किसी आधिकारिक अनुमति के बिना ही देश का प्रतिनिधित्व करने पर कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश देने की मांग की गई है.
न्यायमूर्ति एम सत्यनारायणन और न्यायमूर्ति पी राजामणिचकम ने इस मामले में सुनवाई करते हुये बीसीसीआई और संबंधित अन्य पक्षों को नोटिस जारी करके मामले की अगली सुनवाई सात फरवरी, 2019 को तय कर दी.
बीसीसीआई अपने नाम से भारत शब्द हटाए

दिल्ली निवासी गीता रानी की इस याचिका में कहा गया है, कि बीसीसीआई के पास इस बात का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है कि वह खुद के नाम में ‘‘भारत’’ शब्द का प्रयोग करे और न ही उसके पास यह अधिकार है कि वह एक ‘‘भारत’’ नाम की टीम का प्रतिनिधित्व करें.
आईसीसी ने भी बीसीसीआई को दे दी है चुनौती

आईसीसी ने बीसीसीआई को साफ चेतावनी दे दी है कि अगर उसने कुछ मुद्दे नहीं सुलझाए, तो उसे साल 2021 में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 में होने वाले फिफ्टी-फिफ्टी वर्ल्ड कप के आयोजन से हाथ धोना पड़ सकता है.
इन दोनों ही बड़ी प्रतियोगिताओं की मेजबानी भारत को करनी है. वैसे बोर्ड के लिए मसला ज्यादा बड़ा नहीं है, लेकिन आप चाहे कितने भी अमीर क्यों न हों, लेकिन 160 करोड़ रुपये की रकम कोई छोटी-मोटी रकम तो होती नहीं. अब देखना होगा कि बीसीसीआई आईसीसी की वॉर्निंग पर कैसा रवैया अख्तियार करता है.
आपको हमारा ये आर्टिकल पसंद आया हो तो प्लीज इसे लाइक करें। अपने दोस्तों तक इस खबर को सबसे पहले पहुंचाने के लिए शेयर करें। साथ ही कोई सुझाव देना चाहे तो प्लीज कमेंट करें। अगर आपने हमारा पेज अब तक लाइक नहीं किया हो तो कृपया इसे लाइक करें, जिससे लेटेस्ट अपडेट आपको हम जल्दी पहुंचा सके।
The post बदलेगा बीसीसीआई का नाम, इस शब्द को हटाने के लिए दर्ज हुआ PIL appeared first on SportzWiki Hindi.