ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेली जा रही चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर गावस्कर श्रृंखला आज समाप्त हो गयी. दोनों टीमों के बीच सिडनी के मैदान पर खेला जा रहा अंतिम टेस्ट मैच बिना किसी नतीजे (ड्रा) के समाप्त हुआ और मेहमान भारतीय क्रिकेट टीम ने विराट कोहली की अगुवाई में यह टेस्ट सीरीज 2-1 के अंतर से जीतकर ऑस्ट्रेलियाई सरजमी पर एक नायाब इतिहास रचा.
आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि 71 वर्षो के इतिहास में यह सबसे पहला मौका हैं जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया को उसकी घर में हराकर कोई टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब हुई हो.
दिलों में जगह बनाने में कामयाब हुए पुजारा

देश को बॉर्डर गावस्कर टेस्ट श्रृंखला जीतने में यूँ तो कई सारे भारतीय खिलाड़ियों ने अपना अहम योगदान दिया, लेकिन जो काम अकेले चेतेश्वर पुजारा कर गये, वो अन्य कोई ना कर सका. 30 वर्षीय चेतेश्वर पुजारा मौजूदा टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे.
नंबर- 3 पर अपनी बल्लेबाजी से धूम मचाने वाले टेस्ट स्पेशलिस्ट चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पूरी टेस्ट श्रृंखला की सात पारियों में 74.43 की बेहद ही धमाकेदार औसत के साथ कुल 521 रन बनाये. इन 521 रनों के पुजारा के नाम तीन बेहतरीन शतक और एक अर्द्धशतक भी शामिल रहा.
पुजारा बने ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’

यही एक सबसे कारण रहा, कि चेतेश्वर पुजारा को बॉर्डर गावस्कर टेस्ट श्रृंखला 2018-19 का ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ का पुरुस्कार दिया गया. इतना ही नहीं सिडनी टेस्ट के ‘मैन ऑफ़ द मैच’ भी पुजारा ही रहे. आप सभी को बता दे, कि चेतेश्वर पुजारा ने एडिलेड, मेलबर्न और सिडनी टेस्ट मैचों में शतक बनाये थे.
हमेशा ही यह सवालियां निशान पुजर्की बल्लेबाजी उठाये जाते थे, कि चेतेश्वर पुजारा सिर्फ भारतीय परिस्तिथियों और एशियाई मैदानों पर ही रन बना सकते हैं, लेकिन अब इस दौरे के बाद पुजारा ने दुनियाभर के आलोचकों के मुहं बंद कर दिए हैं.
अपने बयान में क्या बोले पुजारा
”हम सभी के लिए यह वाकई में एक बहुत शानदार पल हैं. हम सभी ने विदेशी सरजमी पर टेस्ट श्रृंखला जीतने के लिए बहुत मेहनत की थी और हम सभी ने यह कर दिखाया. यह बिलकुल भी आसान नही था. एडिलेड में लगाया गया शतक मेरे लिए बहुत ख़ास था, उस शतक के साथ हमारी टीम 1-0 की बढ़त लेने में सफल रही और हमारे अन्दर श्रृंखला जीतने का विश्वास जगा.
जब आप अच्छा करते हैं, तो आपके पास सीरीज जीतने के चांस बढ़ जाते हैं. एक बल्लेबाज के तौर पर आपको बस विकेट से थोड़ी से पेस और बाउंस चाहिए. काउंटी क्रिकेट, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी कठिन हालातो में खेलकर मैंने अपनी बल्लेबाजी में सुधर किया. मौजूदा समय में मैं वाकई में सबसे शानदार भारतीय दल का हिस्सा हूँ.
जीत का श्रेय हमारे गेंदबाजो को भी जाता हैं, हर मैच में 20 विकेट लेना आसान नहीं होता. यहाँ से जाने के बाद मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलूँगा. आईपीएल के दौरान मेरा फोकस काउंटी क्रिकेट खेलने पर रहेगा. भारत की अगली टेस्ट सीरीज 6-7 महीने के बाद है, तब तक मैं अपने खेल पर ओर ध्यान दूंगा. इतना ही नहीं मेरा ध्यान सफेद गेंद वाले क्रिकेट पर रहेगा और मैं उसके लिए भी मेहनत करूंगा, लेकिन खेल में मेरी सबसे पहली प्राथमिकता टेस्ट क्रिकेट ही रहेगी.”
इस श्रृंखला में पुजारा का प्रदर्शन
| मैदान | पहली पारी | दूसरी पारी |
| एडिलेड | 123 | 71 |
| पर्थ | 24 | 4 |
| मेलबर्न | 106 | 0 |
| सिडनी | 193 | – |
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