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जन्मदिन विशेष: इस कारण गुरु आचरेकर भी मानते थे कांबली को सचिन से ज्यादा टैलेंटेड

खेल डेस्क। पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली ने अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतनी धमाकेदार शुरुआत की थी, जिसकी कल्पना प्रत्येक क्रिकेटर करता होगा। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज विनोद कांबली ने कुछ मैचों में ही अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में विशेष पहचान बना ली थी।

भारत के इस दिग्गज बल्लेबाज का आज जन्म दिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 18, जनवरी 1972 को मुंबई में हुआ था। विनोद कांबली को उनकी शानदार क्रिकेट प्रतिभा के कारण ही उनके गुरु रमाकांत आचरेकर उन्हें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर से ज्यादा टैलेंटेड मानते थे।

विनोद कांबली ने अपनी क्रिकेटर प्रतिभा का नजारा अपने शुरुआती सात टेस्ट मैचों में ही दिखा दिया था। उन्होंने इस दौरान ही दो दोहरे शतक सहित चार शतक लगाए थे। आज भी उनके नाम सबसे तेज एक हजार टेस्ट रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है।

यहीं नहीं हैरिस शील्ड ट्रॉफी में कांबली ने सचिन तेंदुलकर के साथ 664 रनों की नाबाद साझेदारी की थी। इस मैच में विनोद कांबली ने 349 रन और सचिन तेंदुलकर ने 326 रन बड़ी पारियां खेली थी। इतने प्रतिभाशाली क्रिकेटर होने के बावजूद भी विनोद कांबली का अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर ज्यादा लम्बा नहीं चल सका। उनके छोटे अन्तरराष्ट्रीय करियर के पीछे कई कारणों को माना जा सकता है।

विनोद कांबली की असफलता के पीछे माना जाता है कि अचानक अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिली सफलता से इस क्रिकेटर को जो स्टारडम मिला उसे वह संभाल नहीं पाए। वहीं उनकी असफलता के लिए उनकी खराब आदतों और बुरे व्यवहार को भी माना जाता है। हालांकि कांबली को अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए कई मौके भी मिले, लेकिन वह भारतीय टीम में स्थाई जगह नहीं बना सके।

विनोद कांबली का क्रिकेट करियर

फॉर्मेट मैच रन बेस्ट शतक टेस्ट 17 1084 227 4 वनडे 104 2477 106 2 प्रथम श्रेणी 129 9965 262 35 लिस्ट ए 221 6476 149* 11