दोस्तों, साल 2003 का विश्वकप फाइनल मैच कौन भूला सकता है। ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज क्रिकेटर की धांसू बैटिंग से हिंदुस्तान के कोटे की मिठाई मुंह में आते-आते रह गई। जी हां, मैं रिकी पोंटिंग की बात कर रहा हूं। लेकिन हुजूर वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है। पोंटिंग साहब ने ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टेस्ट सीरीज से पहले दो भविष्यवाणियां की थी।
1-टीम इंडिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया 2-1 से सेरीज जीतेगी।
2-विराट कोहली पर भारी पड़ेंगे उस्मान ख्वाजा, उनको पीछे छोड़ देंगे।
लेकिन नतीजा तो बहुत बुरा हुआ जनाब, ऑस्ट्रेलिया को भरी ठंडी में पानी पीने का मन भी नहीं कर रहा है। इधर टीम इंडिया ऐसा अहसास कर रही है, जैसे उसके सात जन्मों के पाप धुल गए हों। रिकी पोंटिंग साहब ने भविष्यवाणी क्या की, कप्तान कोहली ने 282 रन बना गए। जबकि उस्मान ख्वाजा सिर्फ 198 रन पर ही अटके रह गए। अगर हम पोंटिंग साहब को चेतेश्वर पुजारा के 500 रनों की याद नहीं दिलाएं तो ही बेहतर होगा।
दूसरी भविष्यवाणी में ऑस्ट्रेलिया की जगह टीम इंडिया 2-1 से सीरीज जीत गई। भारतीय टीम का मौसम देवता ने भी पूरा सम्मान किया।
आपको याद होगा, पोटिंग साहब ने तीसरे टेस्ट मैच के दौरान बयान दिया था कि पुजारा की कछुए वाली चाल टीम इंडिया को मैच हरवाने के लिए काफी है। उनकी यह भविष्यवाणी भी फेल हो गई।
शायद पोंटिंग सर ने बचपन में कछुए और खरगोश की कहानी नहीं सुनी है। तेज दौड़ने वाला खरगोश तो रास्ते में ही सो जाता है, लेकिन कछुआ रेस जीत जाता है।अब हम तो यही कहेंगे कि रिकी पोंटिंग सर को भविष्यवाणियां करनी बंद कर देनी चाहिए। विशेषकर टीम इंडिया को लेकर बिल्कुल भी नहीं,क्योंकि वो साल दूसरा था, यह साल दूसरा है।
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