हैमिल्टन। हाल ही के दिनों में भारतीय क्रिकेट टीम विदेशी मैदानों पर सफलता के झंडे गाड़ रही है। ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट और वनडे शृंखला में हराने के बाद टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड से भी एकदिवसीय सीरीज अपने नाम कर ली है।
भारत को मिल रही इस प्रकार की सफलता में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के साथ क्षेत्ररक्षकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन दौरों पर भारतीय फील्डरों द्वारा अच्छी फील्डिंग देखने को मिली है। भारतीय टीम की फील्डिंग में लगातार सुधार देखा जा रहा है। इसका नजारा न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने शानदार कैच पकडक़र दिखाया है।
भारतीय टीम की फील्डिंग में सुधार के लिए नई क्षेत्ररक्षण ड्रिल को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। भारत के क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि ब्लाइंडफोल्ड तकनीक, तेज हवा में गेंद की बदलती दिशा के अनुमान के लिए विभन्न भार की गेंद और स्लिप कैचिंग के लिए सिमुलेशन मशीन का प्रयोग जैसी चीजों ने टीम इंडिया की कैचिंग में काफी सुधार किया है।
इस प्रकार के प्रयोग पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीमों की ओर से किए जाते थे। भारत के क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर ने ब्लाइंडफोल्ड तकनीक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें गेंद फेंकने वाला पर्दे के पीछे होता है और कैच करने वाले को नहीं पता होता कि गेंद कहां से आने वाली है।
उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड दौरे पर वनडे मैचों के दौरान विभिन्न वजन की गेंदों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे कि भारतीय खिलाडिय़ों को हवा में ऊंची उठी गेंदों के लिए तैयार किया जा सके, क्योंकि तेज हवा के कारण गेंद की दिशा बदलने का खतरा रहता है। भारतीय टीम अभी न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से आगे हैं। शृंखला का चौथा वनडे कल खेला जाएगा।