खेल डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी की धरती पर भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने अब रणजी ट्रॉफी में अपनी टीम सौराष्ट्र को इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी जीत दिलाई है। रणजी ट्रॉफी क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत सौराष्ट्र ने क्वार्टरफाइनल में उत्तरप्रदेश को शिकस्त देकर हासिल की है।
सौराष्ट्र को यह मुकाबला जीतने के लिए 372 रन का रिकॉर्ड लक्ष्य मिला जो उसने मैच के पांचवें और अंतिम दिन चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। इससे पहले इस टूर्नामेंट में सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकॉर्ड असम के नाम पर था।
असम ने दिसंबर 2008 में सेना के खिलाफ चार विकेट पर 371 रन का लक्ष्य हासिल किया था।सौराष्ट्र पहली पारी में 177 रन से पिछड़ गई थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश की टीम दूसरी पारी में 194 रन पर आउट हो गई थी। इससे सौराष्ट्र को मैच जीतने के लिए 372 रन का लक्ष्य मिला।
सौराष्ट्र ने हार्विक देसाई (116), स्नेल पटेल (72), चेतेश्वर पुजार (नाबाद 67) और शेल्डन जैकसन (नाबाद 73) की शानदार पारियों के दम पर चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर दिया। इस प्रकार सौराष्ट्र ने छह विकेट से रिकॉर्ड दर्ज कर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
पुजारा ने पांचवें विकेट के लिए शेल्डन जैकसन के साथ 136 रन की अटूट साझेदारी की। पुजारा ने अपनी अर्धशतकीय पारी में 110 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके लगाए। अब खिताबी मुकाबले में प्रवेश करने के लिए उसका सामना कर्नाटक से होगा। जिसने एक अन्य क्वार्टर फाइनल में दो बार की पूर्व चैम्पियन राजस्थान को हराया था।