खेल डेस्क। विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम जब शुक्रवार को तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान पर उतरेगी तो उसका लक्ष्य टेस्ट शृंखला के बाद सीमित ओवरों में भी ऐतिहासिक जीत दर्ज करने का होगा। अभी वनडे शृंखला में दोनों ही टीमें एक-एक की बराबरी पर है। टीम इंडिया ने कंगारू सरजमीं पर कभी द्विपक्षीय एक दिवसीय शृंखला नहीं जीती है।
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हालांकि वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 1985 में विश्व चैम्पियनशिप और 2008 में सीबी शृंखला अपने नाम कर चुकी है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम की एक मात्र चिंता का कारण पांचवें गेंदबाजी की नाकामी है।
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ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति में टीम इंडिया ने पहले और दूसरे वनडे में पांचवें गेेंदबाज के विकल्प के रूप में खलील अहमद और मोहम्मद सिराज को मौका दिया, लेकिन ये दोनों ही गेंदबाज प्रभावित करने में नाकामयाब रहे।
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अब भारतीय टीम प्रबंधन पांचवें गेंदबाज के रूप में ऑलराउंडर विजय शंकर और लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल में से किसी एक को अन्तिम मैच में मौका दे सकता है। इन दोनों क्रिकेटरों ने मेलबर्न क्रिकेट मैदान पर जमकर अभ्यास किया। वहीं केदार जाधव भी इस मैच में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। ऐसे में अंबाटी रायुडू या दिनेश कार्तिक में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता है।