Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

बालिका दिवस: इन बालिकाओं ने आगे जाकर किया है देश का नाम दुनिया में रोशन

इंटरनेट डेस्क। आज दुनिया भर में लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लडक़ों से पीछे नहीं है। राजनिति, शिक्षा, फिल्म हो या खेल, लड़कियां किसी भी मामले में लडक़ों से पीछे नहीं है। आज देश में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जा रहा है। 24 जनवरी के दिन इंदिरा गांधी को नारी शक्ति के रूप में याद किया जाता है।

आज के शिक्षित समाज में भी कई स्थानों पर लड़कियों को वह स्थान नहीं मिल पा रहा है जिसकी वह हकदार है। फिर भी लड़कियों ने समाज की विभिन्न प्रकार की बाधाओं से पार पाते हुए देश में अपना नाम रोशन किया है। इस पुरुष प्रधान समान में कई स्थानों पर तो महिलाएं पुरुषों से कही आगे हैं।

आज हम उन बालिकाओं की बात करने जा रहे हैं जिन्होंने आगे जाकर खेल के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन किया है।

एमसी मैरीकॉम: मैरीकॉम की गिनती दुनिया में दिग्गज मुक्केबाजों में होती है। उन्होंने भारत को ओलंपिक और कई विश्व टूर्नामेंटों में स्वर्ण पदक दिलाए हैं।

मिताली राज: इस क्रिकेट खिलाड़ी की गिनती भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से होती है। मिताली के नाम सचिन की तरह ही एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है।

गीता फोगट: महिला फ्रीस्टाइल पहलवान ने पहली बार भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था। उन्होंने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। यहीं नहीं वह ओलम्पिक में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान है।

सानिया मिर्जा: सानिया मिर्जा भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी है। उन्होंने भारत को कई युगल ग्रैडस्लेम खिताब जितवाए हैं।

साइना नेहवाल: साइना नेहवाल ने अपने खेल के दम पर भारत को विशेष पहचान दिलाई है। इस बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी ने ही भारत को पहला ओलंपिक पदक दिलाया था। उन्होंने भारत को लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक दिलाया था।

पीवी सिंधु: भला पीवी सिंधु को कौन नहीं जानता हो, इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने रियो ओलंपिक में भारत को रजत पदक दिलाया था। उनकी गिनती दुनिया के महान खिलाडिय़ों में होती है।

इस कारण मनाया जाता है ये दिवस:

समाज में बालिकाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए आज के दिन राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। समाज में लड़कियों के साथ हो रहे विभिन्न प्रकार के समाजिक भेदभाव और शोषण को समाप्त करना ही बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य है। आज ही के दिन देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पीएम की कुर्सी संभाली थी।