Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

इलाज के लिए पाई-पाई को तरस रहा टीम इंडिया का पूर्व क्रिकेटर

वडोदरा 
एक जमाने में भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रह चुके जैकब मार्टिन एक सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल में मौत से जूझ रहे हैं। वडोदरा के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, जहां वह वेंटीलेटर पर हैं। वहीं उनके परिवार के पास इलाज के लिए पैसे भी खत्म हो चुके हैं, पूर्व क्रिकेटर की पत्नी ने अब बड़ोदा क्रिकेट असोसिएशन से मदद की गुहार लगाई है। क्रिकेट की चमकीली दुनिया हमेशा उतनी हसीन भी नहीं होती, जितना वह बाहर से दिखती हैं। लाखों करोड़ों में खेलने वाले क्रिकेटरों को खेल से दूर होने के बाद मुफलिसी का सामना करना पड़ जाता है। इसी की बानगी हैं टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर जैकब मार्टिन, जो कुछ दिन वडोदरा में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाइक पर जाते समय उन्हें किसी वाहन ने टक्कर मार दी थी, जिससे मार्टिन को काफी गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद से ही उनका वडोदरा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। 

पत्नी का यह है कहना
अब खबर आई है कि उनके परिवार के पास उनके इलाज के लिए पैसे खत्म हो चुके हैं। उनकी पत्नी ख्याति ने बताया कि उन्हें अस्पताल का 7.5 लाख रुपये का बिल भरना हैं, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं हैं। ख्याति ने आरोप लगाया कि संकट की इस घड़ी में बडौदा क्रिकेट असोसिएशन भी उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। एक्सीडेंट के बाद उन्हें देखने आए बडोदा क्रिकेट असोसिएशन के पदाधिकारियों ने 5 लाख रुपये की मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक एक पैसे की मदद नहीं पहुंचाई गई। अस्पताल की ओर से उन्हें 7.5 लाख रुपये का बिल थमाया गया है, अस्पताल की ओर से कहा गया है कि जल्द से जल्द बिल का भुगतान कर दिया जाए नहीं तो मुश्किल हो सकती है। ख्याति ने बताया कि उन्होंने बडौदा क्रिकेट असोसिएशन के पूर्व सचिव संजय पटेल और पूर्व प्रमुख समरजीत सिंह गायकवाड़ से भी मदद मांगी थी। 

बीसीए ने कहा- आरोप बेबुनियाद
दूसरी ओर बीसीए के सेक्रेटरी स्नेहल पारीख ने क्रिकेटर की पत्नी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि हम मार्टिन के परिवार के संपर्क में हैं और उनके अस्पताल के बिल की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी मदद की जा सके, लेकिन अभी तक हमें बिल मुहैया नहीं कराया गया है। पारीख ने बताया कि बोर्ड के पास पूर्व खिलाड़ियों की मदद करने की एक पूरी प्रक्रिया है जिसका पालन करना जरूरी है। जैकब के इलाज के लिए बोर्ड की ओर से पांच लाख रुपये मदद की मंजूरी दी गई है और हम बिल मिलते ही अस्पताल में यह रकम जमा कर दी जाएगी। हमने बीसीए की ओर से हर मदद का आश्वासन दिया था और वह पूरी की जाएगी। बता दें कि बडौदा के पूर्व क्रिकेटर जैकब मार्टिन ने 90 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 10 एकदिवसीय मैच खेले थे। मार्टिन की गिनती उस दौर के अच्छे ऑलराउंडर में होती थी। इसके अलावा प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी वह 100 से ज्यादा मैच खेल चुके हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह बडौदा टीम के कोच भी रहे हैं।