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सिंधु को उम्मीद- इस बार ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में जीतेंगे खिताब

गुवाहाटी 
भारतीय महिला शटलर पीवी सिंधु ने उम्मीद जताई है कि इस बार ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में वह इस खिताब को जीतने में कामयाबी हासिल करेंगी। करीब 2 दशक से यह प्रतिष्ठित खिताब कोई भारतीय नहीं जीत सका है। साल 2001 में पुलेला गोपीचंद ने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप जीती लेकिन इसके बाद कोई भारतीय शटलर खिताब नहीं जीत पाया। इस बार उनकी शिष्या और रियो ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधु से उम्मीदें हैं और वह भी इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतना चाहती हैं। सिंधु फिलहाल यहां 83वीं सीनियर नैशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, 'ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप को लेकर तैयारियां चल रही हैं। इसके बाद दो सप्ताह का समय बचेगा। मैं जानती हूं कि कैरोलिना मारिन (स्पेन) नहीं खेल रही हैं लेकिन अभियान आसान नहीं होगा क्योंकि कई शानदार खिलाड़ी हैं जो अपना दिन होने पर कमाल कर सकते हैं।' 

सिंधु ने कहा, 'टूर्नमेंट में हर राउंड काफी मुश्किल है और मेरे लिए हर पॉइंट अहम है। मैं पहले राउंड में कोरिया की सुन जी ह्युन के खिलाफ उतरूंगी। मेरे लिए जरूरी यही है कि पहले राउंड से ही फोकस करूं क्योंकि टूर्नमेंट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी खेलेंगे।' उन्होंने कहा, 'इस जिंक्स को तोड़ना जरूरी है, जल्द। मुझे लगता है कि काफी अच्छा होगा जब कोई भी भारतीय खिलाड़ी खिताब को जीतेगा, हम इस दिशा में जरूर मेहनतर करेंगे।' उन्होंने कहा, 'यह खेल बदल रहा है और कोई भी खिलाड़ी हमेशा टॉप पर नहीं रह सकता। बहुत से नए खिलाड़ी आ रहे हैं। हमें अपना 100 प्रतिशत देने की जरूरत है। आप 1-20 तक के खिलाड़ियों को देखें, हमारा स्तर बराबरा ही है। इसलिए, फोकस रहने की जरूरत है।' सिंधु ने साथ ही कहा कि सीनियर स्तर पर मुकाबला जूनियर के मुकाबले काफी कड़ा होता है और मेहनत करनी होती है। ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट शटलर ने कहा, 'नागपुर में पिछली बार सीनियर नैशनल्स में अच्छे युवा खिलाड़ी मिले, इस बार गुवाहाटी में उनके लिए नए मौके होंगे। पिछली बार मैं साइना नेहवाल से करीबी मुकाबले में हार गई, शायद मेरा दिन नहीं था। उम्मीद करती हूं कि मैं अपना बेस्ट दूंगी। असम में अच्छे खिलाड़ी हैं जो अच्छा कर रहे हैं जैसे- अश्मिता चलिहा। उन्हें अगले स्तर पर जाने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है।