विश्व क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी एक टूर्नामेंट में अपना जबरदस्त जलवा दिखाने में कामयाब रहे हैं। वैसे इनमें से कुछ ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने लंबे समय तक अपने देश की टीम का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिनका प्रदर्शन विश्व के बड़े टूर्नामेंट में तो बेहतर रहा लेकिन वो इसके बाद गायब से हो गए।
आज हम आपको इस रिपोर्ट में उन खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं जिन्होंने विश्व कप या टी20 विश्व कप में तो अपनी टीम के लिए बड़ा योगदान दिया लेकिन उसके बाद से वो बिल्कुल गायब से हो गए।
रेयान साइडबॉडम ( इंग्लैंड)- टी20 विश्व कप 2010
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज रेयान साइडबॉटम भले ही आज पूरी तरह से क्रिकेट मैदान से ओझल हो चले हैं लेकिन ये वहीं गेंदबाज हैं जिसने अपने देश के लिए एशेज के साथ ही टी-20 विश्व कप जीताने में बड़ा योगदान दिया।

रेयान साइडबॉटम ने साल 2001 में अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज किया लेकिन वो एक मैच के बाद ही नजरअंदाज कर दिए गए। इसके बाद वो लंबे समय के बाद साल 2007 में वापसी करने में सफल रहे।
इसके बाद साइडबॉटम ने शानदार प्रदर्शन किया। और अपनी टीम के लिए बेहतरीन योगदान दिया। साइडबॉटम ने इंग्लैंड टीम की 2010 टी20 विश्व कप जीत में शानदार भूमिका निभायी लेकिन वो इसके बाद से गायब हो चले।
असांका गुरुसिंघे ( श्रीलंका)- विश्व कप 1996
श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज असांका गुरुसिंघे वैसे तो ज्यादा समय तक अपने देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाए हैं लेकिन इन्होंने साल 1996 विश्व कप जीत में एक बड़ा योगदान दिया है। गुरुसिंघे को एक भरोसेमेंद बल्लेबाज माना जाता था जिन्होंने कई बार बढ़िया पारियां खेली।

असांका गुरुसिंघे ने श्रीलंका के लिए 41 टेस्ट मैच खेले लेकिन विश्व कप 1996 में उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। गुरुसिंघे ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 65 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेल अपनी टीम को पहली बार जीत दिलायी। लेकिन उसके बाद से गुरुसिंघे क्रिकेट से दूर चले गए।
जोगिंदर शर्मा (भारत)- टी20 विश्व कप 2007
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा को कौन नहीं जानता है? जोगिंदर शर्मा वहीं गेंदबाज हैं जिन्होंने भारतीय टीम की टी20 विश्व कप की जीत में योगदान दिया था। जोगिंदर शर्मा भारत के लिए ज्यादा नहीं खेल सके हैं।

लेकिन साल 2007 में हुए टी20 विश्व कप के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मैच में जोगिंदर शर्मा ने अंतिम ओवर में रन बचाते हुए भारत की झोली में विश्व टी-20 की ट्रॉफी डाली थी लेकिन उसके बाद से जोगिंदर शर्मा कहीं गायब हो चले हैं।
गैरी गिल्मोर( ऑस्ट्रेलिया)- विश्व कप 1975
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी गैरी गिल्मोर को वैसे तो इंटरनेशनल गलियारों में ज्यादा पहचान नहीं मिली लेकिन 70 के दशक के ये खिलाड़ी कुछ मैचों में जबरदस्त प्रदर्शन करने में सफल रहे। गैरी गिल्मोर का करियर बहुत ही छोटा रहा है।

लेकिन गैरी गिल्मोर ने 1975 के विश्व कप में सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ अपनी जबरदस्त स्विंग गेंदबाजी की बदौलत 14 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन से उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में पहुंचाया लेकिन ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में 17 रनों से हार का सामना करना पड़ा। गिल्मोर इसके बाद से गायब हो गए।
माइकल हैन्ड्रिक (इंग्लैंड)- विश्व कप 1979
इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज माइकल हैन्ड्रिक का करियर बहुत ही छोटा रहा। हैन्ड्रिक अपने पूरे करियर में केवल 22 वनडे मैच ही खेले हैं लेकिन इन्होंने इस दौरान 19.45 की औसत से विकेट हासिल करने में सफल रहे।

माइकल हैन्ड्रिक ने अपने इस छोटे करियर के दौरान विश्व कप 1979 में सबसे खास योगदान दिया है। इस विश्व कप में माइकल सबसे ज्यादा विकेट वलेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे।
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