गुरुवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बयान के बाद से हंगामा हो गया है.
उन्होंने कहा था, कि इस आतंकी हमले के लिए पूरे पाकिस्तान को दोषी ठहराना सही नहीं हैं. उन्हें अपने इस बयान का पछतावा नहीं है. उन्होंने एक बार फिर कहा है, कि मैं अपने उन्ही शब्दों के साथ खड़ा हूँ. पूरे पाकिस्तान को दोष देना सही नहीं है.
ये बयान दिया था नवजोत सिद्धू ने पहले

पूर्व भारतीय क्रिकेटर व कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने पुलवामा हमले के बाद अपने एक बयान में कहा था, कि
“कुछ लोगों के लिए क्या आप पूरे देश को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं, इसलिए मुझे नहीं लगता, कि आप इसके लिए पूरे पाकिस्तान को दोषी ठहरा सकते हैं.
आतंकवादियों का कोई देश नहीं होता है कोई मजहब नहीं होता है कोई धर्म नहीं होता है कोई जात नहीं होती है, लोहा लोहे को काटता है सांप जब काटता है तो उसका बिष ही उसका एंटी डोज होता है.”
बातचीत और अंतरराष्ट्रीय दबाव का प्रयोग आतंकवाद का हल निकालने के लिए किया जाना चाहिए. इस प्रकरण में गालियां देना भी सही नहीं है.
आखिर कब तक देश के जवान शहीद होंगे और इस तरह का खूनी संग्राम चलता रहेगा. जो भी कुछ हुआ है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी निंदा की होनी चाहिए. किसी की जान लेना ही समाधान नहीं हैं.”
मैं अपने उन्ही शब्दों के साथ आज भी खड़ा हूं

पूर्व भारतीय क्रिकेटर व कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने बयान में कहा,
“मेरे लिए देश हमेशा से पहले रहा हैं, लेकिन मैने शुक्रवार को जो कुछ भी कहा था, मैं अपने उन्ही शब्दों के साथ आज भी खड़ा हूं. हम कुछ कायरों द्वारा किए गए हमले के लिए पूरे देश को दोष नहीं दे सकते हैं.
जैसे हम कुछ गोरक्षकों के हमले के लिए पूरे देश को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं. वैसे ही इस हमले के लिए पूरे पाकिस्तान को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं. “
मेरे बयान की सिर्फ एक लाइन ली गई

वह मीडिया में प्रश्न के उत्तर दे रहे थे उनसे पूछा गया, कि क्या अधिक है, दोस्ती या देश, तो उन्होंने कहा,
“मैंने (शुक्रवार) को कहा था और मैं आज फिर से यह कह रहा हूं. बुरे को दंडित किया जाना चाहिए, लेकिन ये कुछ कायर पूरे समाज, मानवता को नहीं पकड़ सकते, अन्य करोड़ों लोग अच्छा काम भी कर रहे हैं.
मैं आज भी अपने शब्दों के साथ खड़ा हूँ और कहता हूं कि आतंकवाद का कोई धर्म, मज़हब, ज़ात और देश (धर्म, जाति या देश) नहीं होती है.
मेरा बयान पूरी तरह से नहीं दिखाया गया था और इससे से सिर्फ एक लाइन ली गई थी. कुछ आतंकवादियों का कार्य देश को उनके सामने घुटने टेकने नहीं दे सकता है.”
हम गुरु नानक के दर्शन पर पूर्ण विराम नहीं लगा सकते

नवजोत सिंह सिद्धू ने आगे अपने बयान में कहा,
“उन्होंने हमारे जवानों को मार दिया है, उन्होंने हमारी पगड़ी (गरिमा) पर कलंक लगा दिया है, लेकिन सिर्फ उनके कायरतापूर्ण कृत्य के कारण, हम गुरु नानक के दर्शन पर पूर्ण विराम नहीं लगा सकते हैं.
करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए दो प्रधानमंत्रियों द्वारा लिया गया निर्णय इन कायरों के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए.
‘क्या हम यह चाहते है, कि आतंक के आगे घुटने टेक दिए जाए. क्या चार आतंकियों की वजह से, जिन्होंने हमारे जावन शहीद किये. जिनकी वजह से हमारी पगड़ी पर दाग लगा. क्या उसकी वजह से देश का विकास रुक जाए. क्या उनकी वजह से नानक शाहब की फिलोसोफी आगे नहीं बढ़ेगी?”
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