जिम्बाब्वे क्रिकेट पहले विश्व की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक हुआ करती थी. लेकिन धीरे-धीरे इस टीम का अस्तित्व खत्म होता गया और ये टीम फिसड्डी टीमो में आ गई. विश्व कप 2019 में पहली बार ये टीम विश्व कप का हिस्सा नहीं होगी. आईसीसी के इस क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे का हिस्सा ना होने से टीम पर काफी प्रभाव पड़ा है.
हैमिल्टन मसाकाद्जा को आगामी तीन सत्रों के लिए जिम्बाब्वे के कप्तान के रूप में बरकरार रखा गया है जिसमें 2019 विश्व कप भी शामिल है. जिम्बाब्वे क्रिकेट के निदेशक मंडल ने अपनी ताजा बैठक में, बोर्ड में विभिन्न पदों की अड़चन के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय तत्काल प्रभाव से लिए.
मसाकाद्ज़ा की अगुवाई में टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज ड्रा की थी

मसाकाद्ज़ा की अगुवाई वाली टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ खेली और वो ड्रा रही थी. ज़िम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने इस वजह से उनको वापस से कप्तान बनाने का फैसला लिया गया. हालांकि मसाकाद्जा को 20 वनडे मौकों पर टीम का नेतृत्व करने के बावजूद वनडे में कप्तान के रूप में एक भी जीत नहीं मिली है.
पीटर मूर बने टीम के उपकप्तान

एक बल्लेबाज के रूप में बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टेस्ट श्रृंखला के दौरान पीटर मूर ने शानदार प्रदर्शन किया जिस वजह से उन्हें उप-कप्तान के रूप में नियुक्त किया है. वहीँ दिलीप चौहान को जिम्बाब्वे पुरुषों की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया है. वह जिम्बाब्वे, जिम्बाब्वे ए और जिम्बाब्वे अंडर -19 राष्ट्रीय टीमों के प्रभारी होंगे.

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