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एटीके को हराकर प्लेआॅफ में जाना चाहेगा मुम्बई

कोलकाता
विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में शुक्रवार को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सीजन के तहत मेजबान एटीके और मुम्बई सिटी एफसी के बीच मुकाबला खेला जाएगा और इस मुकाबले को जीतकर मुम्बई की टीम प्लेआॅफ में जगह बनाना चाहेगी। मुम्बई की टीम 16 मैचों से 27 अंक लेकर अभी चौथे स्थान पर है और अगर उसने एटीके को हरा दिया तो उसका प्लेआॅफ में जाना तय हो जाएगा। एटीके के 21 अंक हैं और उसके खाते में दो मैच बचे हैं। यह टीम अगर मुम्बई को हरा देती है और अगले मैच में भी जीत जाती है तो उसके प्लेआॅफ में जाने की उम्मीदें बन सकती हैं। एटीके के कोच स्टीव कोपेल मानते हैं कि क्वालीफाई करना काफी मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं है। एफसी पुणे सिटी के साथ 2-2 का ड्रॉ खेलने के बाद एटीके आगे जीने की सम्भावनाओं पर कुठाराघात हुआ था। इसके बाद एफसी गोवा के हाथों 0-3 की हार ने उसकी उम्मीदों का दम लगभग तोड़ दिया था। अब कोपेल की टीम बाकी बचे दो मैचों को जीतकर उम्मीदों को नए सिरे से आॅक्सीजन देना होगा। लगातार दो जीत के बाद भी इस टीम को प्लेआॅफ में जाना नसीब न हो लेकिन अभी जो समीकरण बन रहे हैं, उसके आधार पर एटीके को प्रयास करना ही होगा।

घर में हालांकि इस सीजन में एटीके का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उसे एक ड्रॉ, तीन जीत और तीन हार नसीब हुई है। अब उसके दोनों मैच घर में हैं और ऐसे में उसे अपने हिस्से आई इस मनोवैज्ञानिक बढ़त का अधिक से अधिक फायदा उठाना होगा। मुम्बई के लिए समीकरण बेहद सरल हैं। उसे एक जीत के साथ प्लेआॅफ की सीट मिल जाएगी लेकिन उसका मौजूदा फार्म अच्छा नहीं है और इसी कारण उसकी जीत को लेकर संदेह उत्पन्न हो रहा है। जॉर्ज कोस्टा की टीम नौ मैचों से अजेय थी लेकिन अब वह लगातार तीन मैच हार चुकी है। एटीके से उलट मुम्बई का प्लेआॅफ में जाना उसके हाथ में है क्योंकि उसके पास अभी भी दो मैच बचे हुए हैं। उसका अंतिम लीग मैच पुणे सिटी से है लेकिन आइलैंर्ड्स नाम से मशहूर यह टीम एटीके के खिलाफ तीन अंक हासिल करते हुए प्लेआॅफ का टिकट कटा लेना चाहेगी लेकिन इसके लिए उसे स्कोर करना होगा और इस टीम के साथ यह सच्चाई जुड़ी हुई है कि बीते तीन मैचों में उसने एक भी गोल नहीं किया है। एटीके की टीम इस बात पर खासतौर पर गौर कर रही होगी।