भारतीय क्रिकेट में हमेशा से ही खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा चरम पर रही है। इन प्रतिस्पर्धा के कारण कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे जिनको लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी अनदेखा किया गया। पिछले करीब एक दशक में भारतीय टीम के कई खिलाड़ी ऐसे रहे जो मौके के हकदार थे।
ये वो मौजूदा भारतीय खिलाड़ियों की एकादश जो की जाती रही है नजरअंदाज
लेकिन इन खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट और तमाम तरह की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद भी उन्हें नजरअंदाज किया गया।
तो आपको दिखाते हैं ऐसे ही खिलाड़ियों की प्लेइंग इलेवन जो मौजूदा समय में भी क्रिकेट में तो एक्टिव हैं लेकिन इनके साथ कुछ दुर्भाग्य हुआ।
मयंक अग्रवाल
कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के लिए पिछले करीब 20 महीनें घरेलू क्रिकेट हो या भारत ए के लिए बहुत ही जबरदस्त गुजरे हैं। मयंक अग्रवाल ने रनों का अंबार लगाया, लेकिन उन्हें मौका मिलने में काफी देरी हो गई वो हाल में टेस्ट टीम में शामिल किए गए।

अजिंक्य रहाणे
भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्ट उपकप्तान अंजिक्य रहाणे के साथ उनके करियर के शुरु होने के साथ ही सीमित ओवर की क्रिकेट में लगातार अनदेखा किया गया। रहाणे ने वनडे में अच्छा प्रदर्शन किया उसके बावजूद भी उन्हें लगातार मौका नहीं मिल सका।

मनोज तिवारी
बंगाल क्रिकेट टीम के कप्तान मनोज तिवारी अभी तक एक पहेली में उलझे हुए हैं। मनोज तिवारी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी और साथ ही उन्होंने भारतीय वनडे टीम में जगह बनाने के बाद एक शतक भी जड़ा, लेकिन जल्द ही इन्हें टीम से बाहर कर दिया।

करूण नायर
कर्नाटक के युवा बल्लेबाज करूण नायर एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो भारत की तरफ से वीरेन्द्र सहवाग के बाद टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज रहे हैं। करूण नायर घरेलू क्रिकेट और भारत ए के लिए बेहतर कर रहे हैं लेकिन उन्हें अनदेखा किया जा रहा है।

मनीष पांडे
कर्नाटक के एक और बल्लेबाज मनीष पांडे के लिए हम ये मानते हैं कि उन्हें बहुत मौके मिले, लेकिन हाल के समय में मनीष पांडे ने शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन उन्हें अब टीम से बाहर करने के बाद दूसरा मौका नहीं मिल पा रहा है।

दिनेश कार्तिक(विकेटकीपर)
भारतीय क्रिकेट टीम में साल 2004 से खेल रहे प्रतिभाशाली विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। कार्तिक नेकई बार बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन उन्हें पर्याप्त मौके नहीं मिले। एक बार फिर जब वो अच्छी लय में लग रहे थे तो उन्हें बाहर कर दिया गया।

जलज सक्सेना
भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनी ऑलराउंडर प्रतिभा के धनी रहे जलज सक्सेना पिछले करीब 15 सालों से घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं। जलज सक्सेना ने अपनी ऑलराउंड प्रतिभा से प्रभावित भी किया है, लेकिन इन्हें आज तक मौका नहीं मिल सका है।

सिद्धार्थ कौल
पंजाब के तेज गेंदबाज सिद्धार्थ कौल पिछले करीब 2 साल से बेहतरीन काम कर रहे हैं। सिद्धार्थ कौल विराट कोहली की अंडर-19 टीम के सदस्य रहे हैं जिन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में बढ़िया काम किया है लेकिन मौका मिला तो सही लेकिन इसे पर्याप्त नहीं कहा जा सकता है।

शार्दुल ठाकुर
मुंबई के युवा तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर आज से नहीं बल्कि पिछले तीन साल से शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। शार्दुल ठाकुर को आईपीएल और घरेलू प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम का टिकट जरूर मिला, लेकिन जल्द ही इन्हें बाहर भी कर दिया।

अमित मिश्रा
भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी सबसे दुर्भाग्यशाली खिलाड़ियों की बात होगी तो स्पिन गेंदबाज अमित मिश्रा का नाम जरूर होगा। अमित मिश्रा के प्रदर्शन में कोई खामी नहीं रही लेकिन ये समय के शिकार हुए क्योंकि उनके दौर में भज्जी-कुंबले जैसे गेंदबाज थे।

मोहित शर्मा
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए साल 2015 विश्व कप खेले तेज गेंदबाज मोहित शर्मा का प्रदर्शन भी बहुत ही शानदार रहा है। मोहित शर्मा को कुछ मैच भारत के लिए खेलने का मौका मिला लेकिन उन्हें अभी भी पर्याप्त मौके मिलने चाहिए।

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