दुबई
साल 2017 के एक मैच फिक्सिंग मामले में ICC ने जिम्बाब्वे क्रिकेट के पूर्व निदेशक एनोक कॉप पर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को आईसीसी ने एनोक कॉप पर 10 साल का बैन लगाने का फैसला किया है। दरअसल, मैच फिक्सिंग का ये मामला 2017 में उस वक्त सामने आया था, जिम्बाब्वे की टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर गई थी।
– एनोक कॉप पर मैच फिक्सिंग के प्रयास के मामले में उन्हें जांच प्रभावित करने का दोषी पाया गया है। एनोक कॉप पर आईसीसी के एंटी करप्शन के तीन नियमों का उल्लंघन करने के मामले में ये कार्रवाई की गई है।
– इससे पहले आईसीसी ने पिछले साल मार्च 2018 में इसी मामले में जिम्बाब्वे क्रिकेट के सीनियर अधिकारी राजन नायर पर 20 साल का बैन लगाया था।
वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हुई थी फिक्सिंग
राजन नायर पर जिस वक्त कार्रवाई की गई थी वो उस समय हरारे मेट्रोपॉलिटन क्रिकेट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष व मार्केटिंग हेड पद पर थे। उन पर आरोप थे कि उन्होंने तत्कालीन कप्तान ग्रीम क्रेमर को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज का नतीजा फिक्स करने के लिए 30 हजार यूएस डॉलर का ऑफर दिया था। ये सीरीज जिम्बाब्वे ने जीती थी। कप्तान ने उस समय के कोच हीथ स्ट्रीक को इसकी जानकारी दी थी, जिसके बाद आईसीसी को इस पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया था।
एनोक कॉप ने नहीं किया जांच में सहयोग
ICC ने बुधवार को इस मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा है कि एनोक कॉप ने उक्त मामले में जांच में सहयोग नहीं किया। आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट द्वारा जब उनसे मोबाइल फोन मांगा गया तो उन्होंने उसमें से सभी अहम जानकारी डिलीट करने के बाद अपना फोन सौंपा।