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नंबर 4 के लिए राहुल-रायुडू में चैलेंज: गावसकर

हैदराबाद
T20 सीरीज में कंगारुओं द्वारा क्लीन स्वीप के बाद टीम इंडिया शनिवार से मेहमान टीम के खिलाफ 5 मैचों की वनडे सीरीज में उतरेगी। भारतीय टीम एक बार फिर अपनी लय में लौटना चाहेगी और ऐसे में इस सीरीज में T20 सीरीज की तरह बहुत ज्यादा प्रयोग देखने को नहीं मिलेंगे। टीम इंडिया जरूर यह चाहेगी कि वर्ल्ड कप से पहले अपनी आखिरी बड़ी सीरीज में वह जीत हासिल करे।

भारत के वर्ल्ड कप मिशन के लिए उसके बल्लेबाजी क्रम में नंबर 4 का स्थान पक्का करने की होड़ दो बल्लेबाजों में देखने को मिलेगी। पूर्व कप्तान सुनील गावसकर ने कि इस स्थान के लिए अंबाती रायुडू और केएल राहुल अपना-अपना दावा ठोकेंगे।

ऐसे में इस सीरीज में एक रोचक पहलू यह देखने को मिलेगा कि अब टीम इंडिया के लिए नंबर 4 पर बैटिंग कौन करेगा। न्यू जीलैंड में खेली गई वनडे सीरीज के अंतिम मैच में अंबाती रायुडू ने मुश्किल में फंसी भारतीय टीम को अपनी उम्दा पारी से उबारा था। लेकिन अब राहुल भी फॉर्म में लौट आए हैं और उन्हें (रायुडू) राहुल से कॉम्पिटिशन मिलेगा।

राहुल ने टी20 सीरीज में अपने घर पर खेलते हुए उम्दा बैटिंग की झलक दिखाई। अपने घर की कंडिशंस को वह भलि-भांति जानते हैं और इस मैच में वह बिल्कुल अलग बल्लेबाज दिख रहे थे, जो विरोधी टीम पर लगातार हावी था और वह जहां चाह रहे थे वहां बॉल को हिट कर रहे थे।

इस बीच टी20 सीरीज को 2-0 से अपने नाम कर चुकी कंगारू टीम के हौसले भी बुलंद होंगे, वह लंबे समय बार उपमहाद्वीप में कोई सीरीज अपने नाम कर पाए हैं। इस दौरान ग्लेन मैक्सवेल ने अपनी सुपर झलक दिखाई और सीरीज के दूसरे टी20 में नाबाद शतक जड़कर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका अदा की।

यह इस बात का सुबूत है कि उन्होंने पहले टी20 मैच में अपने आउट होने के ढंग से सबक सीखा है। जिस अंदाज में उन्होंने एक गेंद को एक्स्ट्रा कवर क्षेत्र में छक्के के लिए सीमा रेखा के बाहर पहुंचाया वह दर्शनीय था। यह बिल्कुल वैसी ही गेंद थी, जिस पर पहले मैच में वह आउट हो गए थे। तब वह इस गेंद को स्पिन के खिलाफ खेलकर लॉन्ग ऑफ के क्षेत्र में सीमा रेखा के बाहर पहुंचाना का प्रयास कर रहे थे। लेकिन इस बार उन्होंने स्पिन के साथ खेला और उन्हें बेहतर परिणाम मिला।

मैक्सवेल के इस अंदाज ने इस मस्तमौला बल्लेबाज की एक नई झलक पेश की, जिसके पास बैटिंग का उम्दा टैलंट भरा हुआ है, लेकिन हमेशा इसका पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं। अगर वह ऐसे ही बल्लेबाजी करते रहेंगे, तो ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत को वनडे सीरीज में न सिर्फ चुनौती देगी बल्कि वह यह सीरीज जीतकर वर्ल्ड कप को अपने पास बचाए रखने की भी प्रबल दावेदार होगी।