मेलबोर्न। बुधवार को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर ब्रूस यार्डली का कैंसर की वजह से निधन हो गया। उन्होंने 71 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। यार्डली का नार्थ वेस्टर्न आस्ट्रेलिया में निधन हुआ। वे लंबे वक्त से कैंसर से जूझ रहे थे। यार्डली ने अपने क्रिकेटिंग करियर की शुरूआत एक स्विग गेंदबाज़ के रूप में की थी लेकिन फिर उन्होंने अपनी पहचान एक ऑफ स्पिनर के रूप में बनाई।
1978 को खेला था पहला टेस्ट
यार्डली ने अपना पहला टेस्ट 28 जनवरी 1978 को इंडिया के खिलाफ एडिलेड में खेला था। अपने 33 टेस्टों में उन्होंने आखिरी टेस्ट अप्रैल 1983 में कैंडी में श्रीलंका के खिलाफ खेला। ऑफ स्पिनर यार्डली ने 33 टेस्टों में 978 रन बनाने के अलावा 126 विकेट भी हासिल किए। उन्होंने अपने करियर में सात वनडे भी खेले। उनके करियर की सबसे यादगार सीरीज़ पाकिस्तान और वेस्टइंडीज़ के खिलाफ 6 टेस्टों की घरेलू सीरीज़ रही।
यार्डली ने लिए थे 6 टेस्टों में 38 विकेट
1981-82 के दौरान खेली गई इस सीरीज़ में यार्डली ने 6 टेस्टों में 38 विकेट लिए थे। यार्डली ने 1985 में खेल से संन्यास लिया था और 1989-90 में मैदान में लौटकर वेस्टर्न आस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व भी किया था। वह 1996-98 तक श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम के कोच रहे थे।
यार्डली श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के एक्शन की जमकर वकालत करते थे जबकि उनके देश के अन्य क्रिकेटरों ने मुरली के एक्शन पर सवाल उठाए थे। क्रिकेट आस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी केविन रॉबट्र्स ने यार्डली के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की एक महत्वपूर्ण हस्ती थे जिन्होंने मैदान में और मैदान से बाहर अभूतपूर्व योगदान दिया था।
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