खेल डेस्क। किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान रविचन्द्र अश्विन को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम पर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मंडिकिंग विवाद के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब अश्विन की एक गलती किंग्स इलेवन पंजाब को बुधवार को ईडन गार्डन पर कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेले गए मैच में बहुत भारी पड़ गई।
इस मुकाबले में केकेआर ने पहले खेलते हुए निर्धारित ओवरों में 218 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। केकेआर के आंद्रे रसेल ने केवल 17 गेंदों पर ही 48 रन की तूफानी पारी खेली। पंजाब के कप्तान अश्विन की एक छोटी सी गलती के कारण ही केकेआर ये स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
हुयां यू कि केकेआर की पारी के 17वें ओवर में जब ऑलराउंडर आंद्रे रसेल पांच गेंद पर तीन रन बनाकर खेल रहे थे। तभी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने एक शानदार यॉर्कर गेंद पर आंद्रे रसेल को बोल्ड कर दिया, लेकिन तभी मैदानी अंपायर ने इसे नो बॉल करार दे दिया।
जबकि इस गेंद को करने के दौरान मोहम्मद शमी ने किसी भी प्रकार की गलती नहीं की। शमी द्वारा रसेल को बोल्ड करने के बाद जब मैदानी अंपायर ने देखा कि उस समय घेरे (सर्किल) के अंदर किंग्स इलेवन पंजाब के तीन क्षेत्ररक्षक खड़े थे। यह नियम के विरूद्ध है। इस दौरान चार क्षेत्ररक्षक घेरे में होने चाहिए थे।
इसके बाद रसेल ने तूफानी बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए अगली 12 गेंदों में 45 रन बना डाले। इस पारी में रसेल ने 5 छक्के और 3 चौके लगाए। बस अश्विन की यही गलती पंजाब को बहुत भारी पड़ी। केकेआर ने इस मुकाबले में पंजाब को 28 रन से शिकस्त दी। केकेआर के लक्ष्य के जवाब में वह निर्धारित ओवरों में केवल 190 रन ही बना सकी।