स्पोटर्स डेस्क।आईपीएल के 12वें संस्करण का छठा मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच खेला गया था। इस मैच में हार मिलने के बाद किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान की उनकी एक गलत फैसले की जमकर आलोचना हो रही है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 218 रन बना दिए। इस लक्ष्य का पिछा करने उतरी उनकी टीम 190 रन ही बना पाई और इस रोमांचक मुकाबले में 28 रनों से मैच हार गई।
लेकिन इस मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान अश्विन का एक गलत फैसला केकेआर के हरफनमौला खिलाड़ी आंद्रे रसेल के लिए फायदेमंद हुआ। 17वें ओवर में जब आंद्रे रसेल बल्लेबाजी करने उतरे तो वह 5 गेंदों पर 3 रन बनाकर खेल रहे थे और तभी शमी ने रसेल को बोल्ड कर दिया। लेकिन अंपायर ने इसे नो बॉल करार दे दिया तो शमी को समझ नहीं आया की किस बात के लिए नो बॉल दी गई है। तभी अंपायर ने देखा कि उस समय घेरे के अंदर पंजाब के तीन फील्डर खड़े थेए जो कि नियम के खिलाफ है।
इस दौरान चार फील्डर घेरे में होने चाहिए थे। इसके बाद रसेल को जीवनदान तो मिला और यह जीवनदान पंजाब के लिए भारी पड़ गया। इसके बाद रसेल ने 12 गेंदों में 45 रन जड़ डाले और 17 गेंदों पर 48 रनों की पारी में 5 छक्के और 3 चौके जड़ कर टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया। इसके बाद क्रिकेट फैंस ने अश्विन के इस फैसले को लेकर उनकी आलोचना की और लगातार दो मैच में अश्विन के फैसले उनके लिए परेशानी खड़े कर दिए है।
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