इंटरनेट डेस्क।क्रिकेट विश्व कप शुरू होने में अब बस कुछ दिन शेष और इस विश्व कप से पहले कई खिलाड़ी भारतीय टीम को लेकर कई प्रकार के सवाल खड़े कर रहे हैं। इस विश्व कप से पहले भारत को उसी के घर में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पांच मैचों की वनडे सीरीज में 3-2 से हार मिली है। इस हार के बाद पूर्व क्रिकेटर कोहली की कप्तानी को लेकर सवाल खड़े करने लग गए है। इस सीरीज के अंतिम 2 मैचों में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान धोनी को आराम दिया गया था और यह आराम भारतीय टीम के लिए हार का कारण बना हैै।
पांच मैचों की सीरीज के अंतिम दो मैच में विराट को भी मैदान में धोनी की कमी जरूर खली है। भारतीय टीम पहली बार सीरीज में 2-0 से आगे होने के बाद अपने घर में द्विपक्षीय वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। अंतिम मैच में भारतीय खिलाड़ियों के साथ मैच देखने आए दर्शक भी धोनी के नारे लगाने शुरू कर दिए थे। सीरीज हारने के बाद क्रिकेट फैंस ने कहा की धोनी मैच में होते तो परिणाम भारत के पक्ष में होता। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की जीत के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने भी धोनी के टीम में होने के महत्व के बारे में बताया है।
क्लार्क ने कहा कि वनडे में धोनी को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए और वह मैच इतने शांत रखकर ऐसे फैसले लेते है जो उनकी जीत को तय कर देता है। अगर इस विश्व कप में सभी टीमों के लिए कोई खतरा होगा तो वह धोनी का होगा,क्योंकि धोनी के मैदान पर होने से ही भारतीय टीम के कप्तान और खिलाड़ियों का मनोबल बहुत ज्यादा होता है। धोनी विकेट के पीछे खड़े होकर अपनी टीम की आधी जीत की कहानी लिख देते है और बाकि का काम दूसरे खिलाड़ियों से करवा लेते हैं। धोनी के मैदान पर नहीं होने से गेंदबाज भी परेशान नजर आते है और इसी वजह से धोनी विश्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
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