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नो बॉल पर विवाद, धोनी पर लगा 50 फीसदी जुर्माना

नई दिल्ली 
मैदान में तमाम विपरित परिस्थितयों के बाद भी शांत रहने वाले कैप्टन कूल के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी गुरुवार को राजस्थान रॉयल्स मैच में काफी गुस्से में नजर आए। दरअसल, चेन्नै सुपर किंग्स और राजस्थान के बीच बेहद रोमांचक मुकाबले में 'नो बॉल' को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान धोनी भी पिच पर पहुंच गए। मैदान में भ्रम की स्थिति बन गई थी कि अंपायर गांधे ने नो बॉल का फैसला दिया है। लेकिन बाद में अंपायर ने कहा कि उन्होंने नो बॉल का फैसला नहीं दिया था। इसके बाद धोनी भी अंपायर के पास आए और उनसे कुछ कहते दिखे। हालांकि बाद में इस बॉल को सही बताया गया। धोनी की इस हरकत के लिए उनपर 50 प्रतिशत का जुर्माना ठोक दिया गया है। उन्हें नियमों आईपीएल के नियमों के उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। 

धोनी को आईपीएल के कोड ऑफ कंडक्ट 2.20 के तहत लेवल 2 का दोषी पाया गया है। उन्होंने इसे स्वीकर भी कर लिया है। आर्टिकल 2.20 के तहत, 'वह व्यवहार जो खेल की भावना के विरुद्ध जाता हो।' आता है। यह मामला चेन्नै सुपर किंग्स की पारी के आखिरी ओवर से जुड़ा है। यहां एक नो-बॉल विवाद के चलते धोनी भी मैदान पर उतर आए। चेन्नै सुपर किंग्स को आखिरी ओवर में 18 रनों की जरूरत थी। ओवर की तीसरी गेंद पर धोनी बोल्ड हो गए। आखिरी तीन गेंदों पर चेन्नै को जीतने के लिए 8 रन चाहिए थे और मिशेल सैंटनर स्ट्राइक पर थे। स्ट्रोक्स ने एक फुल टॉस फेंकी। अंपायर उल्हास गांधे ने उसे नो-बॉल करार दिया लेकिन स्क्वेअर लेग पर खड़े अंपायर ब्रूस ऑक्सनफर्ड ने इस फैसले को पलट दिया। 

इसके बाद मैदान के बीच बहस शुरू हो गई। बल्लेबाज रविंद्र जडेजा और मिशेल सैंटनर भी इसमें शामिल हो गए। धोनी भी फील्ड में आ गए और वह अंपायर से बहस करने लगे। इसके बाद गेंद को सही पाया गया। हालांकि मिशेल सैंटनर के आखिरी बॉल पर लगाए गए छक्के ने चेन्नै सुपर किंग्स को जीत दिला दी। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर 7 विकेट पर 151 रनों का स्कोर बनाया। इस विकेट पर हालांकि इस स्कोर को कम माना गया लेकिन राजस्थान के गेंदबाजों ने आखिरी ओवर तक मैच में संघर्ष कायम किया। चेन्नै की ओर से कप्तान धोनी ने 58 और अंबाती रायुडू ने 57 रनों का योगदान दिया। इस जीत के साथ चेन्नै की टीम ने सात मैचों में से छह में जीत हासिल कर टॉप पर अपनी पोजिशन और मजबूत कर ली है वहीं राजस्थान को छह मैचों में पांचवीं हार का सामना करना पड़ा है।