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एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी मीराबाई

ंिनगबो (चीन)
पूर्व विश्व चैंपियन मीराबाई चानू शनिवार से यहां शुरू हो रही एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारतीय चुनौती की अगुआई करते हुए दमदार प्रदर्शन करके ओलंपिक क्वालीफिकेशन की अपनी संभावनाओं को मजबूत करने की कोशिश करेंगी। अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ के वजन वर्गों में बदलाव करने के बाद 48 की जगह 49 किग्रा वर्ग में हिस्सा ले रही मीराबाई भारत की पदक की प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। उन्होंने पीठ की चोट के कारण लगभग नौ महीने बाहर रहने के बाद मजबूत वापसी की थी। मीराबाई ने फरवरी में थाईलैंड में ईजीएटी कप में स्नैच में 80 और क्लीन एवं जर्क में 110 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। यह मीराबाई के लिए छह ओलंपिक क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में से एक थी।

मणिपुर की इस भारोत्तोलन को हालांकि पता है कि उनकी पदक की राह आसान नहीं होगी। मीराबाई का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 196 किग्रा है और वह इसमें सुधार करने की कोशिश करेंगी। राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने कहा कि ओलंपिक के लिए मीरा का लक्ष्य 210 किग्रा है। एशियाई चैंपियनशिप में हम 196 किग्रा से अधिक वजन उठाने की कोशिश करेंगे। पुरुष वर्ग में भारत की नजरें युवा ओलंपिक चैंपियन जेरेमी लालरिननुंगा पर टिकी होंगी क्योंकि दो बार के राष्ट्रमंडल चैंपियन सतीश शिवंिलगम प्रदर्शन से जुड़े मुददों के कारण टूर्नामेंट से हट गए हैं। विजय ने कहा कि सतीश और आरवी राहुल चीन नहीं आए हैं। वे चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले रहे क्योंकि उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं है। मिजोरम के 16 साल के जेरेमी 62 की जगह 67 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेंगे। उन्होंने ईजीएटी कप में स्नैच में 131 और क्लीन एवं जर्क में 157 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक जीता था और उनकी नजरें एक बार फिर पोडियम पर जगह बनाने पर टिकी होंगी।

पुरुष वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता विकास ठाकुर (96 किग्रा) और एशियाई युवा एवं जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता अजय सिंह (81) भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। सिर्फ इस टूर्नामेंट से किसी भी भारोत्तोलक को ओलंपिक का टिकट नहीं मिलेगा लेकिन गोल्ड स्तर की ओलंपिक क्वालीफाइंग प्रतियोगिता में अच्छे प्रदर्शन से अगले साल तोक्यो में होने वाले खेलों में क्वालीफाई करने की संभावना बढ़ेगी। विजय ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक प्रतियोगिता में हमारे कुल वजन में सुधार हो। ओलंपिक 2020 की क्वालीफिकेशन प्रक्रिया 18 महीने में होने वाली छह प्रतियोगिताओं में भारोत्तोलक के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी जिसमें से चार सर्वश्रेष्ठ नतीजों पर विचार किया जाएगा।