खेल डेस्क। क्रिकेट की दुनिया में पूर्व भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को कैप्टन कूल के नाम से जाना जाता है। मैदान पर उनसे अनुचित व्यवहार की कल्पना करना मुश्किल है।गुरुवार को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम पर चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का नया ही अवतार देखने को मिला।
मेजबान राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए इस मैच में धोनी भी अपना आपा खो बैठे। इस मैच में एक नो बॉल के चक्कर में धोनी अंपायर से ही उलझ गए। इस आचरण के कारण धोनी पर मैच फीस के 50 प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया।
मामले के अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स की पारी के अन्तिम ओवर में मैदानी अंपायर ने रॉयल्स के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स की फुल लैंथ गेंद को नो बॉल नहीं दिया। इस बात पर ही धोनी आग बबूला होकर मैदान में घुसकर अंपायर से जमकर बहस करने लग गए। धोनी की इस हरकत की चारों ओर आलोचना हो रही है। हालांकि इस मामले में सीएसके के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कप्तान धोनी का बचाव किया है।
इस मैच में चेन्नई सुपर किंग्स ने अन्तिम ओवर में राजस्थान रॉयल्स को चार विकेट से शिकस्त दी। चेन्नई के बल्लेबाज सेंटनर ने बेन स्टोक्स की अन्तिम गेंद पर छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। हर कोई महेन्द्र सिंह धोनी के इस आचरण की आलोचना कर रहा है लेकिन वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने महेन्द्र सिंह धोनी के इस व्यवहार का बचाव किया है।
राजस्थान रॉयल्स ने अपने घरेलू सवाई मानसिंह स्टेडियम में 20 ओवर में सात विकेट पर 151 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में चेन्नई ने छह विकेट पर 155 रन बनाकर जीत दर्ज की। धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई की सात मैचों में यह छठी विजयी है। वहीं राजस्थान को छह मैचों में पांचवीं शिकस्त का सामना करना पड़ा। धोनी ने मैच में अर्धशतकीय पारी खेली।