खेल डेस्क। युवराज सिंह ने आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। मुम्बई की एक होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अपने संन्यास की घोषणा करने के दौरान युवराज सिंह काफी भावुक नजर आए।इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने 25 साल के बाद अब क्रिकेट से आगे बढऩे का निर्णय लिया है। क्रिकेट ने मुझे सब कुछ दिया और यही कारण है कि मैं आज यहां पर हूं।
टीम इंडिया की ओर से 400 से अधिक अन्तरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले युवराज सिंह ने कहा कि विश्व कप 2011 के बाद कैंसर से जूझना उनके लिए सबसे बड़ी लड़ाई थी। मैं इस बीमारी से हार मानने वाला नहीं था।
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टी-20 क्रिकेट में लगातार छह छक्के और सबसे तेज अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले युवी ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली रहा कि मैंने भारत की ओर से 400 मैच खेले। जब मैंने डेब्यू किया था तब मैं इस बारे में सोच भी नहीं सकता था।
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भारतीय टीम को दो बार विश्व चैम्पियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह ने कहा कि इस खेल के साथ एक तरह से प्रेम और नफरत जैसा रिश्ता रहा। इस खेल ने मुझे लडऩा सिखाया। मैंने जितनी सफलताएं अर्जित की उससे अधिक बार मुझे असफलता का सामना करना पड़ा है पर मैंने कभी हार नहीं मानी।युवराज ने भारत की ओर से 40 टेस्ट में 1900, 304 वनडे में 8701 और 58 टी-20 मैचों में 1177 रन बनाए हैं।