खेल डेस्क। आईसीसी विश्व कप 2019 के लिए टीम इंडिया में जगह नहीं मिलने से निराश भारतीय टीम के तूफानी बल्लेबाज युवराज सिंह ने आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। टीम इंडिया को दो बार विश्व चैम्पियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह ने दक्षिण मुंबई होटल में आयोजित प्रेस कांफे्रंस में अपने संन्यास की घोषणा कर दी है।
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सौरव गांगुली की कप्तानी में साल 2000 में अपने अन्तरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले युवराज सिंह ने अपना आखिरी वनडे मैच दो साल पहले 30 जून 2017 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।युवराज ने 304 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने अपने वनडे करियर में 14 शतकों की सहायता से खेलकर 8701 रन बनाए हैं। क्रिकेट के इस फॉर्मेट में उन्होंने 111 विकेट भी हासिल किए हैं।
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इसलिए किए जाएंगे याद: युवराज सिंह ने भारत को 2007 टी-20 और 2011 वनडे विश्व कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आईसीसी के इन दोनों ही टूर्नामेंटों में युवराज मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। टी-20 विश्व में उन्होंने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड की छह गेंदों पर छह छक्के लगाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। वहीं उन्हीं के नाम क्रिकेट के इस फॉर्मेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड भी दर्ज है।
इस कारण लिया अंन्तराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास: लम्बे समय से भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाने और आईसीसी से मान्यता प्राप्त विदेशी टी-20 लीग में फ्रीलांस कॅरियर बनाने के लिए युवराज सिंह ने संन्यास लिया है। उन्हें जीटी-20 (कनाडा) और आयरलैंड व हालैंड में यूरो टी-20 स्लैम में खेलने के बारे में पेशकश मिल रही हैं।