खेल डेस्क। चेतन शर्मा के बाद विश्वकप इतिहास में हैट्रिक लेने वाले दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज बने मोहम्मद शमी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पूर्व भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को दिया है। मोहम्मद शमी ने बताया कि उन्होंने धोनी की सलाह को ध्यान में रखा और परफेक्ट यॉर्कर डालकर अपनी हैट्रिक बनाई।
विश्व कप के सेमीफाइनल में भिड़ेंगे भारत-पाकिस्तान!
मोहम्मद शमी ने अफगानिस्तान के खिलाफ रोमांचक विश्व कप मुकाबले में अपने करियर की पहली हैट्रिक बनाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। उन्होंने अफगानिस्तान की पारी के अन्तिम ओवर की तीसरी, चौथी और पांचवीं गेंद पर विकेट लेकर हैट्रिक पूरी की थी। इस मामले में उन्होंने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज चेतन शर्मा के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। चेतन शर्मा ने 1987 के विश्वकप में हैट्रिक बनाई थी।
ज्यादा अपील करना विराट कोहली को पड़ा महंगा, लगा इतना प्रतिशत जुर्माना
अपनी इस उपलब्धि के बारे में मोहम्मद शमी ने कहा कि मैं जब मैच की अन्तिम गेंद डाल रहा था तो मेरे दिमाग में विकेटकीपर महेन्द्र सिंह धोनी की सलाह थी। धोनी ने कहा था कि विश्वकप में हैट्रिक दुर्लभ होती है, तुम केवल यॉर्कर डालो। यह तुम्हारा मौका है और मैंने ऐसा ही किया। यह मुकाबला टीम इंडिया केवल 11 रन से ही जीतने में सफल रहा था। भारत ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 224 रन बनाए थे। जबकि अफगानिस्तान केवल 213 रन ही बना सकी थी। मैच में मोहम्मद शमी ने 40 रन देकर चार विकेट लिए थे।