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हमें मानसिक तौर पर मजबूत रहना होगा: डुप्लेसिस

साउथम्प्टन
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद साहसिक रवैया अपनाते हुए मंगलवार को अपने खिलाड़ियों को हतोत्साहित नहीं होने और मनोबल बनाये रखने की सलाह दी। दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ आईसीसी विश्व कप में कुछ भी सही होता नहीं दिख रहा क्योंकि टीम को बुधवार को भारत के खिलाफ अहम मुकाबले में मैदान में उतरना है और उससे पहले उनके सबसे अनुभवी गेंदबाज डेल स्टेन चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गये। स्टेन के अलावा टीम के युवा तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी भी चोट के कारण भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतर पायेंगे। इससे पहले टीम को मेजबान इंग्लैंड और रैंंिकग में नीचले पायदान पर काबिज बांग्लादेश के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी। 

टीम के युवा खिलाड़ियों का हौसला कम हो रहा लेकिन विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले कप्तान डु प्लेसिस ने उनकी हौसलाअफजाई की। डु प्लेसिस ने कहा कि मेरे लिए यह टीम में नैसर्गिक चीज है जब आपको लगता है कि टीम का मनोबल कम हो रहा है और जाहिर तौर पर पहली बार विश्व कप में खेल रहे युवा खिलाड़ी हतोत्साहित हो सकते हैं लेकिन हम अगले दो दिन इसे खुद पर हावी नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे लिये यह जरूरी है कि हम मजबूती से डटे रहें। अगर हमारा ध्यान भंग होता है तो टीम लड़खड़ा सकती है और दुर्भाग्य से हम ऐसे स्थिति में नहीं हैं जहां इसे झेल सके। डुप्लेसिस को लगता है कि जिस चीज को नियंत्रीत किया जा सकता है उसे नियंत्रित करना सर्वोपरि है और ऐसा करने की ही कोशिश कर रहे ताकि अगले सात मैचों में से छह जीत सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि नतीजों पर हमारा नियंत्रण नहीं है। हम मैच के परिणाम को नियंत्रित नहीं कर सकते है। हम इस बात को नियंत्रित कर सकते है कि मानसिक रूप से कितने मजबूत है। हम किस तरह से अभ्यास कर रहे है। ड्रेसिंग रूम में हमारा व्यवहार कैसा है, क्या वह सकारात्मक है?