Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

आकाशदीप सिंह की हैट्रिक से उज्बेकिस्तान को रौंद कर भारत सेमीफाइनल में

भुवनेश्वर
आकाशदीप सिंह की हैट्रिक से खिताब के प्रबल दावेदार भारत ने एफआईएच सीरीज फाइनल्स हाकी टूर्नामेंट में सोमवार को यहां उज्बेकिस्तान को 10-0 से करारी शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। आकाशदीप ने मैच के 11वें, 26वें और 53वें मिनट में गोल किये जबकि वरूण कुमार (चौथे और 22वें मिनट), मनदीप सिंह (30वें और 60वें) ने भारत के लिए दो-दो गोल किये। अमित रोहिदास (15वें मिनट), नीलकांत शर्मा (27वें मिनट) और गुरसाहिबजीत सिंह (45वें मिनट) ने एक-एक गोल दागा। भारतीय टीम पूल ए के सभी मुकाबले जीत कर तालिका में शीर्ष पर रही। शुक्रवार को होने वाले सेमीफाइनल में उसका सामना जापान और पोलैंड के बीच होने वाले क्रासओवर मैच के विजेता से होगा। पूल बी में शीर्ष पर रहे अमेरिका का सेमीफाइनल में सामना रूस और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले क्रास ओवर मैच के विजेता से होगा। 

भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और मैच के ज्यादातर समय तक गेंद उज्बेकिस्तान के हाफ में रही। शुरुआती चार मिनट में ही भारतीय टीम को पांच पेनल्टी कार्नर मिले जिसमें से टीम को पहली सफलता पांचवें पेनल्टी कार्नर पर मिली। वरूण के इस गोल से भारत ने खाता खोला। इसके बाद स्कोरशीट में नाम दर्ज करवाने की बारी आकाशदीप की थी जिन्होंने 11वें मिनट में रीबाउंड पर गोलकर भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। चार मिनट बाद रोहिदास के गोल से भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में 3-0 की बढ़त हासिल कर ली। भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में भी गोल की बारिश जारी रखी और चार सफलता हासिल की। वरूण ने 22वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया जबकि इसके चार मिनट बाद आकाशदीप ने रिवर्स हिट से गेंद को उज्बेकिस्तान के गोलपोस्ट में डाल दिया। अगले ही मिनट नीलकांत ने शॉर्ट कार्नर के रिबाउंड को गोल में बदल कर भारत की बढ़त को 6-0 कर दिया। इसके बाद मध्यांतर से पहले रमनदीप ंिसह के पास को मनदीप ंिसह ने गोल कर दिया। मध्यांतर के बाद तीसरे क्वार्टर में भी भारत ने अपना दबदबा बनाये रखा लेकिन इस क्वार्टर में टीम को एक ही सफलता मिली। सुमित के पास पर गुरसाहिबजीत के गोल से 45वें मिनट में भारत की बढ़त 8-0 हो गयी। आखिरी क्वार्टर में आकाशदीप ने अपनी हैट्रिक पूरी की तो वहीं मनदीप ने अपना दूसरा गोल दागा। पूरे 60 मिनट तक उज्बेकिस्तान की टीम एक बार भी भारत को चुनौती नहीं दे सकी। भारतीय टीम को 12 पेनल्टी कार्नर मिले जबकि विरोधी टीम को एक भी पेनल्टी कार्नर नहीं मिला।