Halo !!! Saya Kang Ismet, ini adalah blog tentang AMP HTML dan cara penerapannya

इन टीमों को लंबे समय तक सताएगी यह हार

 नई दिल्ली 
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल की टीमें अब तय हो चुकी हैं। भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यू जीलैंड की टीमें नॉकआउट में जगह बना चुकी हैं। बाकी छह टीमों का सफर अब समाप्त हो चुका है। एक नजर डालते हैं हर टीम के उस मुकाबले पर जो उसे शायद सबसे ज्यादा सताएगा। टीमें सोचेंगी कि वह मुकाबला हम जीत सकते थे।  
पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अपने आखिरी मैच में बांग्लादेश को 7 के स्कोर पर आउट करना था। यही एक मौका था कि पाकिस्तान अपनी नेट रन रेट में सुधार कर चौथी टीम के रूप में सेमीफाइनल में जगह बनाता। इस नौबत आने की बड़ी वजह पाकिस्तानी टीम का पहला लीग मैच था। वेस्ट इंडीज के खिलाफ मुकाबले से पहले पाकिस्तानी टीम लगातार 10 वनडे मैच हार चुकी थी। हालांकि वह काफी समय से इंग्लैंड में थी। वह विश्व कप से पहले इंग्लैंड में वनडे सीरीज खेल रही थी। ऐसे में लग रहा था कि टीम वहां के हालात से अच्छी तरह तालमेल बैठा लेगी और इस टूर्नमेंट में अच्छा प्रदर्शन करेगी। लेकिन उसकी शुरुआत ही अच्छी नहीं रही। पूरी टीम 21.4 ओवरों में सिर्फ 105 रन बनाकर आउट हो गई। यह पाकिस्तान का विश्व कप में दूसरा सबसे खराब स्कोर था। वेस्ट इंडीज ने 36.2 ओवर बाकी रहते मैच अपने नाम जीत लिया। यह वर्ल्ड कप मुकाबले में गेंद शेष रहते किसी टीम की सबसे बड़ी जीत थी। 

335 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्री लंका ने अच्छी शुरुआत की। कुसल परेरा और दिमुथ करुणारत्ने ने पहले 15 ओवरों में स्कोर 112 तक पहुंचा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार हाफ सेंचुरी लगाईं। श्री लंकाई टीम ने ऑस्ट्रेलियाई खेमे में हलचल पैदा कर दी। लेकिन कप्तान करुणारत्ने (92) के आउट होते ही श्री लंका का मध्यक्रम इस शुरुआत को भुना नहीं पाया। उसने वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा वह पूरा टूर्नमेंट में करता चला आया है। वह पूरी तरह लड़खड़ा गया। 33वें ओवर में श्री लंका का स्कोर दो विकेट पर 186 रन था। मिशेल स्टार्क की गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम 46वें ओवर में 247 रनों पर सिमट गई। ये दो अंक श्री लंका के लिए काफी मददगार साबित होते चूंकि अपने अगले ही मुकाबले में उसने इंग्लैंड को हराया था। 

साउथ अफ्रीका को हराने के बाद बांग्लादेश का अगला मुकाबला न्यू जीलैंड से था। पिछले चार वर्ल्ड कप मुकाबलों में बांग्लादेश की टीम ने न्यू जीलैंड को कभी नहीं हराया था। पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर बांग्लादेश की टीम 244 रन ही बना पाई और ऐसा लगने लगा कि कीवी बड़ी आसानी से इसे 5-0 कर लेंगे। केन विलियमसन और रॉस टेलर की 105 रनों की साझेदारी के दम पर न्यू जीलैंड आसानी से जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा था। लेकिन इस साझेदारी के टूटते ही कीवी मुश्किल में आ गई। जब विलियमसन आउट हुए तो न्यू जीलैंड को 19 ओवरों में 85 रनों की जरूरत थी। इसके बाद बांग्लादेशी गेंदबाजों ने मैच को रोचक बनाने का इरादा किया। उन्होंने पांच और विकेट लिए। लेकिन 17 गेंद बाकी रहते कीवी टीम ने किसी तरह जीत हासिल कर ली। बांग्लादेश जीत से महरूम रह गया और दो महत्वपूर्ण अंक न्यू जीलैंड के खाते में गए। 

इंग्लैंड के खिलाफ खेल के हर आयाम में बुरी तरह पिछड़ने के बाद साउथ अफ्रीका का अगला मैच बांग्लादेश के साथ था। दोनों टीमों को देखते हुए साउथ अफ्रीका को फेवरिट माना जा रहा था। लेकिन एक बार फिर साउथ अफ्रीका ने विपक्षी टीम को 300+ का स्कोर बनाने दिया। साउथ अफ्रीका पर दबाव था। हालांकि साउथ अफ्रीका के नंबर 2 से नंबर छह तक के बल्लेबाजों ने 35+ का स्कोर बनाया, बांग्लादेश ने मैच पर गिरफ्त बनाए रखी। और दोनों टीमों के बीच 2007 में हुए सुपर 8 के मुकाबले की तरह इस बार भी बांग्लादेश की टीम ने ही मुकाबला अपने नाम किया। साउथ अफ्रीका टूर्नमेंट की शुरुआत में ही 'चोक' होने लगी। 

अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को हराने के बाद विंडीज का अगला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से था। विंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर भी धकेल दिया था। 147 के स्कोर पर कंगारू टीम के 6 बल्लेबाज पविलियन लौट चुके थे। लेकिन स्टीव स्मिथ और नाथन कूल्टर नाइल ने शतकीय साझेदारी कर अपनी टीम को मैच में वापसी कराई।कूल्टर-नाइल ने 92 रनों की पारी खेली, जो वर्ल्ड कप में नंबर 8 के बल्लेबाज का सर्वोच्च स्कोर है। ऑस्ट्रेलिया 288 तक पहुंचा, जिसे हासिल करने में वेस्ट इंडीज को मुश्किल हुई। शाई होप और कप्तान जेसन होल्डर का प्रयास भी टीम को जीत नहीं दिला पाया। इसके बाद उसके लिए कुछ भी सही नहीं रहा। वेस्ट इंडीज ने अपने सभी लीग मैच हारे, बस अंत में अफगानिस्तान के खिलाफ जाकर उसे जीत मिली। 

अफगानिस्तान ने स्कॉटलैंड को 2015 में हराया था लेकिन इसके बाद वह छलांग नहीं लगा पाया। लेकिन 2019 के राउंड रॉबिन मुकाबलों में उसने कुछ अच्छे मुकाबले खेले। टीम के पास उलटफेर करने का भी मौका था। पांच मुकाबले हारने के बाद अफगानिस्तान की भिड़ंत भारत से थी। विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। आईपीएल के स्टार मोहम्मद नबी, राशिद खान और मुजीब उर रहमान ने भारतीय बल्लेबाजी पर लगाम लगाए रखी। भारतीय टीम सिर्फ 224 रन ही बना सकी।