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विनेश ने यासर डोगू अंतरराष्ट्रीय में स्वर्ण पदक जीता

इस्तांबुल
स्टार भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने यहां रूस की कैटरीना पोलेस्चुक पर शानदार जीत से यासर डोगू अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 53 किग्रा वर्ग में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया।

शीर्ष भारतीय महिला पहलवान ने पिछले हफ्ते स्पेन ग्रां प्री में पोडियम स्थान हासिल किया था। उन्होंने यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरीज टूर्नामेंट के फाइनल में रूस की प्रतिद्वंद्वी को 9-5 से शिकस्त दी। विनेश का पदक महिला स्पर्धा में भारत के लिये तीसरा स्वर्ण था। सीमा ने 50 किग्रा और मंजू ने 59 किग्रा में पहला स्थान हासिल किया था।

स्वर्ण पदक के सफर तक विनेश ने अपनी तीन में से दो बाउट तकनीकी श्रेष्ठता के बूते जीतीं। मैड्रिड में स्वर्ण जीतने वाली दिव्या काकरान (68 किग्रा) और रजत जीतने वाली पूजा ढांडा (57 किग्रा) पदक दौर तक नहीं पहुंच सकी। दिव्या ‘क्वालीफिकेशन’ दौर से आगे नहीं बढ़ सकीं तो पूजा क्वार्टरफाइनल में हार गयी।

मामूली चोट के बाद वापसी कर रही साक्षी मलिक पदक दौर तक भी नहीं पहुंच सकीं। साक्षी प्री क्वार्टरफाइनल में हार गयी थीं लेकिन कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई थी लेकिन रेपेशाज दौर में रूस की उलियाना तुर्केनोवा से काफी करीबी अंतर से हार गयीं।

पुरूषों की फ्रीस्टाइल स्पर्धा में राहुल अवारे (61 किग्रा) ने तुर्की के मुनीर अकतास पर 4-1 की जीत से रैंकिंग सीरीज में पहला करियर खिताब जीता। उत्कर्ष काले ने इसी वर्ग में कांस्य पदक जीता। दीपक पूनिया ने 86 किग्रा में रजत प्राप्त किया, उन्हें फाइनल में अजरबेजान के एलेक्सांद्र गोस्तियेव से 2-7 से पराजय झेलनी पड़ी। सुमित ने 125 किग्रा में कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया।

बजरंग पूनिया की अनुपस्थिति में स्रोबा तनाजी गोंगाने 65 किग्रा में भाग ले रहे थे लेकिन वह कांस्य पदक के मुकाबले में तुर्की के सेंगीजान इरोडगन से तकनीकी श्रेष्ठता में हार गये। रजनीश (70 किग्रा) और विक्की (92 किग्रा) भी कांस्य पदक मुकाबला हार गये जबकि अमित धनकड़ (74 किग्रा) और सत्यव्रत कादियान (97 किग्रा) क्वालीफिकेशन दौर से आगे नहीं बढ़ सके।