बेंगलुरू
जापान के टोक्यो में 24 जुलाई 2020 से शुरू होने वाले ओलंपिक खेलों की उलटी गिनती शुरू हो गयी है और खेलों के इस सबसे बड़े आयोजन में भारतीय महिला एवं पुरूष हॉकी टीमों के कप्तानों रानी तथा मनप्रीत सिंह ने इतिहास रचने की उम्मीद जताई है। टोक्यो में 24 जुलाई से नौ अगस्त 2020 तक ओलंपिक खेलों का आयोजन होना है। इसमें हॉकी के प्रारंभिक राउंड 25 जुलाई से शुरू हो जाएंगे और दोनों वर्गाें की भारतीय हॉकी टीमें फिलहाल इन खेलों में क्वालीफाई करने पर नज़रें लगाये हुये हैं। पुरूष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत ने कहा कि ओलंपिक का काउंटडाउन शुरू हो गया है और टीम बैठकों में हम लगातार इस बात को याद कराते रहते हैं कि ओलंपिक के पहले हॉकी मैच में अब कितने दिन बचे हैं। हम ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने के लिये लगातार तैयारी कर रहे हैं। लगातार खिलाड़यिों को याद कराने से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर अपनी जिम्मेदारी याद रहती है। मनप्रीत ने कहा कि न केवल खिलाड़ी बल्कि कोचिंग स्टाफ भी 2020 ओलंपिक के बारे में हमें याद कराता रहता है और साथ ही जो हमारा लक्ष्य है। हमें अपनी कमियों को दूर करने के लिये अब बहुत कम समय रह गया है। साथ ही हमें ओलंपिक टेस्ट इवेंट और बेल्जियम दौरे के लिये भी तैयारियां करनी है जिसका नवंबर में होने वाले क्वालिफाइंग इवेंट पर भी असर पड़ेगा। इस बीच महिला हॉकी टीम की कप्तानी रानी ने भी ओलंपिक तैयारियों के लिये कहा कि हम सभी ने टीम को आगे ले जाने के लिये कई निजी बलिदान दिये हैं और सभी ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ खेल रहे हैं। हमें रियो ओलंपिक की तरह इस बार भी क्वालीफाई करना है ताकि प्रशंसकों को दिखा सकें कि हम बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा कर सकते हैं।
रानी ने साथ ही कहा कि भारतीय महिला खिलाड़ियों का विभिन्न खेलों में शानदार प्रदर्शन रहा है जिससे उन्हें भी अच्छा खेलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि हिमा दास और दूती चंद जैसी भारतीय एथलीटों के अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन से महिला हॉकी टीम को भी देश का नाम रौशन करने की प्रेरणा मिलती है। यह दिखाता है कि भारत की महिलाएं किस तरह आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने ट्रेनिंग कैंपों में भी इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन की चर्चा करते हैं। हमारे लिये सकारात्मक परिणामों से प्रेरणा लेना जरूरी है ताकि हम क्वालिफिकेशन इवेंटों में अपना 100 फीसदी खेलें। हम उम्मीद कर रहे हैं कि नवंबर में अपने घरेलू दर्शकों के सामने कमाल का खेल दिखायें। हमने आखिरी बार 2012 में दिल्ली में हुये ओलंपिक क्वालिफायर में घरेलू जमीन पर खेला था।