आज हम आपको एक ऐसे भारतीय क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने मजबूरी के दिनों में काफी अभाव में अपना समय बिताया और गोलगप्पे बेचकर भी अपना गुजारा किया लेकिन अपनी मेहनत और लगन के दम पर वह भारतीय टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे। हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे है उनका नाम है यशस्वी जायसवाल, जो विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की तरफ से क्रिकेट खेल रहे है।
यशस्वी ने मुंबई और गोवा के बीच क्रिकेट मैच में उन्होंने 113 रनों की पारी में छह चौके और पांच छक्के लगाए है। मुंबई को जीत दिलाने वाले यशस्वी की कहानी काफी संघर्षों भरी है। लेकिन आज उनकी मेहनत ने रंग दिखा दिया।
पैसे की अभाव से राम लीला के समय आज़ाद मैदान पर यशस्वी ने गोलगप्पे भी बेचे है लेकिन इसके बावजूद कई रातों को उन्हें भूखा सोना पड़ता था,इसी दौरान उनकी मुलाकात एक स्थानीय कोच ज्वाला सिंह से हुई। उसके बाद यशस्वी की कीस्मत ही बदल गई और उन्हें इंडिया अंडर 19 टीम में भी चुना गया था।
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