गाजियाबाद में खेल-खेल में शुरू हुआ रन टू ब्रीथ मैराथन अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है. इलाके में पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाने के लिए इस दौड़ की शुरुआत की गई थी. लेकिन धीरे-धीरे इसने राष्ट्रीय स्तर पर धावकों को लुभाया और अब इसमें हजारों की तादाद में देश के विभिन्न हिस्सों से धावक हिस्सा लेते हैं. गाजियाबाद रन टू ब्रीथ मैराथन का आयोजन रविवार को गाजियाबाद के वसुंधरा में होगा जिसमें देश भर के हजारों धावक हिस्सा लेंगे.
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मैराथन का आयोजन रोयोन सामाजिक संस्थान ने किया है. आयोजन का यह पांचवां संस्करण है. इससे पहले चार संस्करण हाफ मैराथन तक सीमित थी. इस बार पहली बार मैराथन हो रही है. सामाजिक संस्था सफाई मुहिम व सफाई एक्सप्रेस के सहयोग से इसका आयोजन किया जा रहा है. मैराथन के अलावा हाफ मैराथन, दस, पांच और ढाई किलोमीटर की दौड़ का आयोजन भी किया गया है. इसके अलावा ढाई किलोमीटर पैदल चाल में भी प्रतियोगी हिस्सा लेंगे. खेलों के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए इसका आयोजन किया गया है. मैराथन में चार लाख की इनामी रकम दांव पर लगी है. मैराथन का मकसद हरियाली बचाना और पर्यावरण को साफ सुथरा रखना है.
मैराथन में देश भर के धावकों के साथ-साथ सुदूर हिमाचल के लाहौल स्पीति से आने वाले धावक इस मैराथन का हिस्सा होंगे. आयोजन के सदस्य मलय सौरभ के मुताबिक कमज़ोर आर्थिक वर्ग के 350 धावक निःशुल्क दौड़ेंगे. मैराथन को डाबर इंडिया, सेल और एटलस साइकिल का भी सहयोग मिला है. इंडस इंड बैंक के भी ढाई सौ धावक मैराथन में हिस्सा ले रहे हैं.
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हिस्सा लेने वाले धावकों को दौड़ के बाद एक-एक पौधा भी दिया जाएगा ताकि वे पर्यावरण को साफ रख सकें. इस दौड़ में गाज़ियाबाद प्रशासन व नगर निगम गाज़ियाबाद के पूर्ण सहयोग के साथ ही वसुंधरा के हर वर्ग के लोगों का अमूल्य सहयोग मिला है. रोयोन सामाजिक संस्था के प्रवक्ता मलय सौरभ ने यह जानकारी दी है. रोयोने ने इससे पहले हिमाचल प्रदेश और हल्दीघाटी में हाफ मैराथन का आयोजन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सहयोग से किया था. विजेताओं को इनामी रकम के अलावा ट्राफी दी जाएगी. मैराथन महिला व पुरुष वर्ग में होगा. कई सामाजिक संगठनों ने रन टू ब्रीथ को सफल बनाने के लिए रोयोन से हाथ मिलाया है.
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मलय ने बताया कि हाफ मैराथन का मकसद युवा खेल प्रतिभाओं की तलाश के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और पर्यटन को बढ़ावा देना है. रन टू ब्रीथ मैराथन में देश भर के धावक हिस्सा लेंगे. सौरभ ने कहा कि इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के खिलाफ लोगों को जागरूक करना और युवाओं को खेलों से जोड़ना है. पिछले वर्ष की भांति इस बार भी करीब सौ आर डबलू व सामाजिक संस्थान इस मैराथन के आयोजन में शामिल होंगे. दौड़ में स्वछता के मुद्दे को उठाने के लिए नगर निगम गाजियाबाद भी इसमें सहयोग करता है.
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