हैपी बर्थडे ब्रायन लारा: सिर्फ 6 महीने में अपना टूटा रेकॉर्ड फिर से किया था हासिलटेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर की बात करें तो 16 साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ खेली उनकी नाबाद 400 रन की पारी आज भी टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी पारी है। बीते 16 साल में दुनिया का कोई बल्लेबाज इस रेकॉर्ड के आसपास भी नहीं पहुंच पाया है। लारा के इस बर्थडे पर देखें उनकी कुछ खास पारियों की झलक…
1994 में लारा ने टेस्ट में ठोके थे 375 रन
लारा ने जब इंग्लैंड के खिलाफ वेस्ट इंडीज के सेंट जोन्स मैदान पर 375 रन की पारी खेली थी तब उनकी उम्र मात्र 25 साल ही थी। उनका यह रेकॉर्ड करीब 10 साल बाद मैथ्यू हेडने तोड़ा। ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज ओपनर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 380 रन जड़कर उनका ये रेकॉर्ड ध्वस्त कर दिया था।
वनडे क्रिकेट में लारा का सर्वोच्च स्कोर 169 रन
साल 1995 में लारा श्रीलंका के खिलाफ शारजहां में वनडे मैच खेलने उतरे। यहां उन्होंने रनों की ऐसी धूम मचाई की 169 रन ठोक डाले। लारा के दम पर वेस्ट इंडीज ने श्रीलंका के सामने 334 रन विशाल स्कोर खड़ा किया।
सिर्फ 6 महीने में वापस पाई अपनी बादशाहत
हेडन के यह रेकॉर्ड तोड़ने के ठीक 6 महीने बाद लारा ने एक बार फिर अपनी विशाल पारी के दर्शन कराए। इस बार भी वही मैदान सेंट जॉन्स पर उसी टीम इंग्लैंड के खिलाफ वह बैटिंग पर उतरे थे। इंग्लैंड के गेंदबाज अपनी भरपूर कोशिशों के बावजूद लारा को आउट नहीं कर पाए और उन्होंने 43 चौकों और 4 छक्कों की मदद से अपने 400 रन पूरे किए। टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च पारी का यह रेकॉर्ड आज भी उनके नाम है।
एक पारी में नाबाद 500 रन भी ठोक चुके हैं ब्रायन लारा
रनों की भूख ब्रायन लारा में कुछ ऐसी थी कि वो मिटने का नाम ही नहीं लेती थी। एक बार जब पिच पर वह सेट हो जाते थे तो फील्डिंग टीम की जमकर खबर लेते थे। 6 जून 1994 को एक फर्स्ट क्लास मैच में लारा ने वार्विकशायर के लिए खेलते हुए 501 रन की पारी खेली इस दौरान वह अंत तक आउट नहीं हुए। 427 गेंद की इस पारी में लारा ने 62 चौके और 10 छक्के मारे थे। लारा ने इसी के साथ पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद का 499 रनों के रेकॉर्ड तोड़ा था।
मुझे नहीं लगता मैं महान खिलाड़ी हूं: लारा
नाबाद 501 रन की पारी खेलने वाले लारा ने तब कहा था, 'मुझे नहीं लगता मैं एक महान खिलाड़ी हूं लेकिन रेकॉर्ड बनाना अच्छा लगता है। अभी कई खिलाड़ी मुझसे ऊपर हैं, मुझे लगातार अच्छा खेलना होगा तभी मैं उन तक पहुंच पाऊंगा।'