
नयी दिल्ली। आठ जुलाई का दिन भारत के इतिहास में विशेष दिन इसलिए है क्योंकि इस दिन पश्चिम बंगाल में दो महान विभूतियों का जन्म हुआ है। इनमें से पहली शख्सियत है महान राजनीतिज्ञ ज्योति बसु और दूसरे भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार सौरव गांगुली।
कम्युनिस्ट राजनीति के पितामह कहे जाने वाले ज्योति बसु के नाम किसी राज्य के मुख्यमंत्री पद पर सर्वाधिक लंबे समय तक आसीन रहने का अनोखा रिकार्ड रहा था जो उनकी लोकप्रियता को ही दिखाता है। उनका कार्यकाल भूमि सुधारों के लिए प्रसिद्ध रहा है। उनकी देशभर में स्वीकार्यता का एक प्रमाण यह है कि साल 1996 में देश के प्रधानमंत्री पद के लिए उनके नाम का प्रस्ताव किया गया पर कतिपय कारणों से वह इस पद पर पहुंच नहीं सके।
पश्चिम बंगाल की सरजमीं पर इसी दिन सौरव गांगुली का भी जन्म हुआ और उन्होंने अपने जुझारू एवं आक्रामक तेवर से भारतीय क्रिकेट की सूरत ही बदल दी। बाएं हाथ के इस मध्यक्रम के बल्लेबाज ने भारतीय क्रिकेट में आत्मविश्वास भरा और टीम को आखिरी गेंद तक भी हार नहीं मानने वाली टीम में रूपांतरित कर दिया।