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डेब्यू टेस्ट में धोनी ने उनसे कुछ ऐसा कहा था कि नहीं हो रहा था ऑलराउंडर को यकीन: स्टुअर्ट बिन्नी

नई दिल्ली
भारतीय ऑल राउंडर स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत के लिए 6 टेस्ट, 14 वनडे और 3 टी-20 इंटरनैशनल मैच खेले हैं। इतने कम इंटरनैशन टूर्नामेंटस में से कुछ में बिन्नी ने यादगार परफॉर्मेंस दी। वह मिले मौकों को ज्यादा भुना नहीं पाए, लेकिन उनकी 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ की गई बॉलिंग आज भी फैन्स के जेहन में ताजा है। इस मैच में बिन्नी महज 4 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे। यह वनडे इतिहास में किसी भारतीय गेंदबाज का बेस्ट परफॉर्मेंस था। उन्‍होंने अनिल कुंबले के रिकॉर्ड को तोड़कर यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की सीरीज के लिए स्टुअर्ट बिन्नी को मौका मिला। 36 वर्षीय इस ऑलराउंडर को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। उन्होंने इस टेस्ट मैच में अहम भूमिका निभाई थी और टेस्ट मैच को बचाया था।

हाल ही में स्टुअर्ट बिन्नी ने इस टेस्ट मैच को लेकर खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह महेंद्र सिंह धोनी की सलाह के बाद 2014 में अपने टेस्ट डेब्यू में शानदार खेल दिखा पाए थे। बिन्नी इस मैच में 78 रनों की पारी खेलकर इस टेस्ट मैच को ड्रॉ करवाया था। हाल ही में स्पोर्ट्सकीड़ा को दिए एक इंटरव्यू में स्टुअर्ट बिन्नी अपने इस टेस्ट डेब्यू के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि उस पारी से पहले धोनी ने उनसे क्या शब्द कहे थे।

स्टुअर्ट बिन्नी ने कहा, ''माही भाई ने मुझसे कहा था कि सुनो। हमें इस टेस्ट मैच को बचाने के लिए 4.5 घंटे बल्लेबाजी करनी होगी। मैंने उनकी तरफ देख रहा था। मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि वह मुझसे ऐसा कुछ कह सकते हैं।''

उन्होंने आगे कहा, ''मुझे डोमेस्टिक क्रिकेट में 8-9 साल का अनुभव था, जहां मैच बचाना है या निकालना है। उस दिन वह अनुभव मेरे बहुत काम आया। मुझे डेब्यू पर टेस्ट शतक लगाना पसंद होता, लेकिन ऐसा उस दिन नहीं हो सका। मैं अपने उन 78 रन की पारी को किसी भी पारी से बहुत ज्यादा मानता हूं।''

इसके बाद बिन्नी इसी सीरीज में मशहूर लॉर्ड्स टेस्ट की जीत का हिस्सा भी रहे थे। भारत ने धोनी की अगुआई में 28 साल बाद लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीता था। भारत ने लॉर्ड्स टेस्‍ट में 95 रनों से जीत दर्ज की थी। 1986 के बाद यह पहला मौका था, जब टीम इंडिया ने लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्‍ट मैच  जीता था।

बता दें कि पहले बल्लेबाजी करते हुए मुरली विजय ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 144 रन की पारी खेली थी। महेंद्र सिंह धोनी ने 82 बनाए थे। भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी ने अर्धशतक जड़े थे। भारतीय टीम 457 रन बनाकर ऑल आउट हुई। जवाब में इंग्लैंड ने जो रूट (154) और जेम्स एंडरसन (81) के बीच 10वें विकेट के लिए 198 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर 496 रन बनाकर 39 रन की बढ़त हासिल की थी।

मैच के पांचवे दिन सुबह एक वक्त पर भारत का स्कोर छह विकेट पर 184 रन था। इस वक्त स्टुअर्ट बिन्नी ने जिम्मेदारी संभाली। खेल के पांचवे दिन भारत के लिए सबसे जरूरी था कि विकेट ना गिरे और मैच मेजबान टीम के हाथों में ना जाए। पिच पूरे समय सपाट रही, लेकिन बिन्नी ने यहां से खेल को बेहद जिम्मेदारी के साथ संभाला। बिन्नी ने शानदार 78 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने रवींद्र जडेजा (31) के साथ सातवें विकेट के लिए 65 और भुवनेश्वर कुमार (नाबाद 63) के साथ आठवें विकेट के लिए 91 रन जोड़कर भारत को संकट से बाहर निकाला। भारत ने नौ विकेट पर 391 रन पर अपनी दूसरी पारी समाप्त घोषित की, जिसके बाद 15 ओवर पहले ही मैच ड्रॉ समाप्त घोषित कर दिया।

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