

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के दौर में क्रिकेट चालू करने की तैयारियां हो चुकी हैं। खेल को रफ्ता-रफ्ता पटरी पर लाने की तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन इस वैश्विक महामारी के काल में खेल पहले जैसा नहीं रहेगा। खेल बदलेगा और साथ ही इसका रंग-रूप और नियम भी। कोरोना वायरस के कारण क्रिकेट के कई बड़े टूर्नामेंट रद्द हो चुके हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) पर भी बीसीसीआई अब तक फैसला नहीं ले पाई है।

अब जबकि दुनियाभर में क्रिकेट धीरे धीरे शुरू हो रहा है तो भारत में भी जल्द ही क्रिकेट की वापसी होने वाली है. बहुत संभव है कि आने वाली 17 जुलाई को इस पर फैसला ले लिया जाए. इसमें जहां एक तरफ टीम इंडिया के इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी की बात होगी, वहीं संभावना यह भी जताई जा रही है कि इसमें आईपीएल को लेकर भी कोई बड़ा फैसला हो सकता है।

इस बीच खबर है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) परिषद में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की प्रतिनिधि अलका रेहानी भारद्वाज ने बोर्ड को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि 17 जुलाई की बैठक में केवल योग्य पदाधिकारी ही शामिल हों इस मुद्दे को एजेंडे पर रखने की आवश्यकता है, क्योंकि बोर्ड अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सचिव के कार्यकाल या तो समाप्त हो गए हैं या जल्द ही समाप्त हो रहे हैं।
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