

स्पोर्ट्स डेस्क। आईसीसी निदेशकों के बोर्ड की बैठक सोमवार को बेनतीजा खत्म हो गई जिसमें शशांक मनोहर के बाद अगले चेयरमैन को लेकर सर्वसम्मति नहीं बन सकी. सोमवार की बैठक का एक ही एजेंडा चुनाव के लिये नामांकन प्रक्रिया को अंतिम रूप देना था लेकिन सर्वसम्मति से उम्मीदवार चुनने को लेकर कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। आईसीसी बोर्ड के एक सदस्य ने बताया, ‘कई मसलों पर सहमति नहीं बन सकी।

पहले तो इसी पर मतभेद हैं कि सामान्य बहुमत से या दो तिहाई बहुमत से चुनाव होगा क्योंकि सदन में 17 सदस्य हैं.' इसके अलावा ऐसा उम्मीदवार नहीं मिल पा रहा है जिसके नाम पर सर्वसम्मति हो. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली भी दौड़ में हैं या नहीं। जहां तक उम्मीदवारों का संबंध है तो इमरान ख्वाजा (सिंगापुर के वर्तमान अंतरिम चेयरमैन) सहित कुछ अन्य नामों पर चर्चा हो रही है. इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के पूर्व प्रमुख कॉलिन ग्रेव्स मनोहर की जगह लेने वालों की दौड़ में सबसे आगे हैं जबकि वेस्टइंडीज क्रिकेट के पूर्व प्रमुख डेव कैमरन ने भी दावा किया है कि उनके पास चुनाव लड़ने के लिए जरूरी संख्या है।

वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड हालांकि खुद उनके खिलाफ है। यहां तक कि क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) के क्रिस नेंजानी ने भी इस पद के लिए अपनी रुचि व्यक्त की है. यही कारण था कि दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट के निदेशक ग्रीम स्मिथ ने बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) अध्यक्ष सौरव गांगुली का खुले तौर पर समर्थन किया था. स्मिथ के नेंजानी से संबंध अच्छे नहीं है. इसके लिए सबकी नजरें बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पर भी होंगी.
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