

स्पोर्ट्स डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की नीलामी की किसी फ्रेंचाइजी टीम का समर्थन नहीं मिलने के बावजूद चेतेश्वर पुजारा को निराशा नहीं होती है जो लोगों की इस विचारधारा को बदलना चाहते हैं कि वह केवल लंबी अवधि के प्रारूप के विशेषज्ञ हैं। कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका स्ट्राइक रेट (लगभग 110) उनके बराबर है, लेकिन फ्रेंचाइजी उनका चयन करती है, लेकिन 2018-19 में भारत की ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जीत के सूत्रधार रहे पुजारा को हमेशा नजरअंदाज कर दिया जाता है।

पुजारा से पूछा गया कि क्या इससे उन्हें दुख या परेशानी होती है कि टी20 खिलाड़ी के रूप में उनकी योग्यता कोई अन्य तय करे, तो इस स्टार बल्लेबाज ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘‘एक क्रिकेटर होने के नाते मैं इस तरह से नहीं सोचता. फिर मैं ऐसा इंसान हूं जो कभी इस तरह का अहं भाव नहीं रखेगा क्योंकि मैंने देखा है कि आईपीएल नीलामी पेचीदा होती है. कप्तान विराट कोहली के साथ भारत के सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट बल्लेबाज ने कहा, ‘‘मैंने देखा है कि हाशिम अमला जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को भी नीलामी में खरीदार नहीं मिलता है।

कई बहुत अच्छे टी20 खिलाड़ी हैं जिन्हें नहीं चुना जाता है. इसलिए मैं इसको लेकर अहं भाव नहीं रखता कि उन्होंने मुझे नहीं चुना. हां, मौका मिलने पर मैं आईपीएल में खेलना चाहूंगा. पुजारा से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि उन्हें लोगों की उनको लेकर बनी धारणा के कारण नुकसान होता है, उन्होंने कहा, ‘‘मैं हां कहूंगा. मुझ पर टेस्ट खिलाड़ी का ठप्पा लगा दिया गया है और मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता।
Herald