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क्रिकेटर Suresh Raina के सम्बंधियों की हत्या का मामला सुलझा, तीन गिरफ्तार, 11 की तलाश

चंडीगढ। पंजाब की पठानकोट पुलिस ने पठानकोट जिले के शाहपुरकंडी थानांतर्गत थरयाल गांव में क्रिकेटर सुरेश रैना के सम्बंधियों पर गत 19 अगस्त की रात हुये जानलेवा हमले में शामिल अंतरराज्यीय लुटेरा गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर इस मामले को सुलझा लिया है। इस हमले में रैना के फूफा और चचेरे भाई की मौत हो गई थी जबकि बुआ अभी भी गम्भीरावस्था में अस्पताल में उपचाराधीन है।

उधर, राज्य के पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने आज यहां इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि इस सिलसिले में 11 अन्य हमलावरों की तलाश की जा रही है जो वारदात के बाद से फरार हैं। उन्होंने बताया कि इस हमले में रैना के फूफा अशोक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी और चचेरे भाई कौशल कुमार ने गत 31 अगस्त को अस्पताल में दम तोड़ दिया था। जबकि बुआ आशा रानी की भी हालत गम्भीर है और उनका उपचार चल रहा है। दो अन्य घायलों को अस्पताल में छुSी दे दी गई है।

उल्लेखनीय है कि घटना के तत्काल बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिह ने अमृतसर बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच दल(एसआईटी) का गठन किया था जिसमें पठानकोट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक(एसएसपी), पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक धारकलां इसके सदस्य थे। गत 15 सितम्बर को एसआईटी को सूचना मिली थी कि घटना के बाद डिफेंस रोड पर दिखाई दिये तीन संदिग्ध लोग पठानकोट रेलवे स्टेशन के निकट झुग्गियों में रह रहे हैं। एसआईटी ने तुरंत वहां छापा मार कर तीनों को हिरासत में ले लिया। इनकी शिनाख्त मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी सावन, राजस्थान के झंझुनू जिले के चिरावा और पिलानी निवासी मोहब्बत और शाहरूख खान के रूप में की गई।

इनसे की गई प्रारम्भिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे अन्य अपराधियों के साथ गिरोह के रूप में सक्रिय थे और इससे पहले उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर और पंजाब के विभिन्न हिस्सों में अनेक आपराधिक वारदात को अंज़ाम दे चुके हैं। सावन ने एसआईटी को बताया कि वे गत 12 अगस्त को वे तीनों चिरावा और पिलानी से एक ऑटो में रशीद, रेहान, जबराना, वाफिला, तवज्जल बीबी और अन्यों के साथ एक ग्रुप में चले थे। यह ऑटो एक व्यक्ति नसाऊ का था। जब वे पंजाब के लुधियाना जिले के जगरांव पहुंचे तो वहां से इनके साथ रींडा, गोलू और साजन भी साथ हो लिये। इन्होंने लुधियाना में हार्डवेयर की दुकान से एक आरी, दो प्लास और एक पेचकस तथा गारमेंट की दुकार से कच्छा और बनियान खरीदे। उन्होंने 14 अगस्त की रात जगरांव में लूट की वारदात को अंज़ाम दिया और वहां से पठानकोट के लिये रवाना हुये। पठानकोट में संजू नामक एक युवक भी इनके साथ मिल गया जिसे इलाके की पूरी जानकारी थी।

पठानकोट के एसएसपी गुलनीत खुराना ने बताया कि इस गिरोह ने पहले इलाके की जानकारी ली और गत 19 अगस्त की रात करीब सात-आठ बजे ये सभी दो-तीन के ग्रुपों में योजना के अनुसार चिन्हित स्थान के लिये निकल पड़े जहां नसाऊ और संजू ने एक सफेदे के पेड़ से दो मोटी लाठियां बनाईं। एक शटरिग की दुकान से सीढèी उठाईं और दो जगह इसे लगा कर देखा तो वे गोदाम और खाली मकान निकले। लेकिन तीसरा मकान अशोक कुमार का था। पांच लुटेरे सीढèी से घर में घुसे तो देखा की तीन लोग फर्श पर सो रहे थे। इन्होंने तीनों के सिर पर वार करने के बाद घर में सो रहे दो अन्यों पर भी हमला किया और लूटपाट कर खेतों की ओर निकल गये और दो-तीन के ग्रुपों में बंट कर रेलवे स्टेशन पहुंचे और चोरी का माल बांटा और फरार हो गये। श्री खुराना ने बताया कि इस वारदात में शामिल गिरोह के 11 अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।(एजेंसी)