

स्पोर्ट्स डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज बचाने के लिए रविवार को दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा. भारत को पहले मैच में 66 रनों से हार का सामना करना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया ने जिस तरह से भारत की कमजोरियों का फायदा उठाया, वह कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के लिए चिंता का सबब है. इस हार के साथ ही टीम इंडिया सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई है और खुद को सीरीज में बनाए रखने के लिए टीम को दूसरे वनडे मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।सिडनी में खेला जाने वाला दूसर मैच भारतीय समयानुसार सुबह 9.10 बजे शुरू होगा.

मयंक अग्रवाल को पहले वनडे मैच में बतौर सलामी बल्लेबाज आजमाया गया था, उन्होंने शुरुआत भी अच्छी की, लेकिन रनगित को बढ़ाने के चक्कर में 22 रनों के निजी स्कोर पर आउट हो गए। दूसरे एकिदवसीय मुकाबले में टीम इंडिया को मुश्किल फैसला लेते हुए मयंक को बाहर बैठाकर मनीष पांडे को टीम में शामिल करना होगा। मयंक की अनुपस्थिती में केएल राहुल शिखर धवन के साथ ज्यादा प्रभावशाली जोड़ीदार नजर आते हैं। राहुल के साथ खास बात यह है कि वह बिना कोई जोखिम उठाए मैदान के चारों तरफ शॉट्स लगाकर रनगित को बरकरार रखना जानते हैं, जिसकी शायद भारत को काफी जरूरत भी होगी। राहुल का रिकॉर्ड बतौर ओपनर हमेशा बढ़िया रहा है। मनीष पांडे के आने से टीम के मिडिल ऑर्डर को मजबूती मिलेगी, क्योंकि श्रेयस अय्यर भी इस समय अपनी फॉर्म को खोज रहे हैं।

पहले वनडे में युजवेंद्र चहल की काफी पिटाई हुई थी और उन्होने अपने 10 ओवर में 89 रन लुटाए थे। जबकि दूसरे स्पिनर की भूमिका निभा रहे रविंद्र जडेजा भी रनों पर लगाम लगाने में नाकाम रहे थे। चहल आमतौर पर विकेट दिलाने वाले गेंदबाज के तौर पर जाने जाते हैं और कह सकते हैं कि उनका दिन अच्छा नहीं था। दूसरे वनडे मुकाबले में कप्तान विराट कोहली जडेजा की जगह कुलदीप यादव को आजमाने की सोच सकते हैं, क्योंकि चहल और कुलदीप की जोड़ी का रिकॉर्ड साथ में खेलते हुए बेहद शानदार रहता है। कुल्चा की जोड़ी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पहले भी काफी परेशान कर चुकी है। कुलदीप यादव ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए 15 मैचों में 22 विकेट निकाले हैं और उनका इकॉनमी भी अच्छा रहा है।

नवदीप सैनी के पास भले ही तेज गति मौजूद हो, लेकिन पहले वनडे में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों के सामने उनकी एक नहीं चली थी। सैनी ने अपने 10 ओवर में 83 रन लुटाए थे, जबकि सिर्फ एक विकेट अपने नाम कर सके थे। सैनी की जगह शार्दुल ठाकुर एक बेहतर विकल्प नजर आते हैं। शार्दुल ने इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी ही सरजर्मी पर काफी अच्छी गेंदबाजी का प्रदर्शन भी किया था और वह बढ़िया बल्लेबाजी करने में भी सक्षम हैं।
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