

नई दिल्ली। नये कृषि कानूनों के खिलाभ किसान बीते 2 महीने से आंदोलन पर उतारु हैं. देश के कई राज्यों से आये किसान बीते चार दिनों से दिल्ली में डटे हैं. दिल्ली और हरियाणा के अलग-अलग बॉर्डर पर किसानों का डेरा है. पुलिस ने भी बार्डर सील कर दिया है. इस कारण दिल्ली आने वाले या हरियाणा जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है. कई जगहों का रुट बदला गया है. तो कुछ जगह लंबा जाम है, लोग पैदल ही सफर करने पर मजबूर है. वहीं, किसानों के आंदोलन के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने पहुंचे हैं. कृषि मंत्री गृह मंत्री से मिलकर किसान आंदोलन को लेकर बात करेंगे.

इधर, राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के तेज होते आंदोलन को देखते हुए केंद्र सरकार इसके समाधान में जुटी है. सरकार हर स्तर पर चर्चा के लिए तैयार है. इसी सिलसिले में रविवार देर रात बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई. बैठक में इस मसले पर विचार-विमर्श किया गया. बैठक में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत कई और लोग शामिल हुई.
गौरतलब है कि नये कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की सीमा पर पिछले चार दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने बुराड़ी मैदान जाने के केंद्र के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. उन्होंने रविवार को कहा कि वे अपना प्रदर्शन नहीं रोकेंगे और कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे. करीब 30 किसान संगठनों की रविवार को हुई बैठक के बाद उनके प्रतिनिधियों ने कहा कि वे बुराड़ी के मैदान में नहीं जायेंगे, क्योंकि वह खुली जेल है. उन्होंने कहा कि वे बातचीत के लिए किसी शर्त को स्वीकार नहीं करेंगे और दिल्ली में प्रवेश के सभी पांच रास्तों को बाधित करेंगे.
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