

स्पोर्ट्स डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की गई थी. लेकिन टीम इंडिया तीन मैचों की सीरीज के पहले दो मैच हारकर ही सीरीज गंवा बैठी. सिडनी में खेले गए दोनों मैचों को टीम इंडिया ने एकतरफा अंदाज में गंवाया. भारतीय टीम ने दोनों मैचों में 300 से ज्यादा रन जरूर बनाए लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले मैच में 374 और दूसरे मैच में 389 रनों के स्कोर बनाकर भारतीय टीम को पूरी तरह मैच से बाहर रखा. अब सीरीज तो चली गई है लेकिन तीसरे मैच में और टी20 सीरीज से पहले टीम इंडिया को अपनी गलतियों को सुधारना होगा। भारत को रविवार को दूसरे वनडे में 51 रनों से हार का सामना करना पड़ा, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली. भारतीय टीम को पहले मैच में 66 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी.

कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘उन्होंने हमें पूरी तरह से पछाड़ दिया. मुझे लगता है कि हम गेंद से उतने प्रभावी नहीं थे, हम लगातार उस लाइन और लेंथ से गेंदबाजी नहीं कर पाए, जिसके साथ करनी थी और उनका बल्लेबाजी क्रम मजबूत है. वे हालात और मैदान के कोणों को काफी अच्छी तरह समझते हैं,
That's a screamer!
— cricket.com.au (@cricketcomau) November 29, 2020
Welcome back, Moises Henriques! #AUSvIND pic.twitter.com/fHivd8IIc2
कोहली ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई फील्डरों ने उनके और श्रेयस अय्यर (38) के जो कैच लपके वे टर्निंग प्वाइंट रहे. उन्होंने कहा, ‘मैं और राहुल बात कर रहे थे कि अगर हम 40-41 ओवरों तक खेलते रहे और अंतिम 10 ओवरों में 100 रन भी बनाने हैं तो हार्दिक (पंड्या) के आने से हम रन बना सकते हैं. यह हमारी रणनीति थी, लेकिन उन्होंने जो दो कैच लपके उन्होंने रुख बदल दिया.
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