

स्पोर्ट्स डेस्क। ओलिंपिक पदक विजेता और हरियाणा के बॉक्सर विजेंदर सिंह भी अब किसानों के आंदोलन में कूद पड़े हैं. दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का आज 11वां दिन है. विजेंदर सिंह ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर इस कानून को वापस नहीं लिया जाता है तो फिर वो अपना राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड वापस कर देंगे. विजेंदर सिंह हरियाणा दिल्ली के बॉर्डर पर पहुंचे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में वो कांग्रेस की टिकट में चुनाव भी लड़ चुके हैं. बता दें कि अब तक किसानों की सरकार से बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला है.

एशियाई खेलों के दो बार के स्वर्ण पदक विजेता पूर्व पहलवान करतार सिंह की अगुआई में पंजाब के कुछ खिलाड़ियों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए 35 राष्ट्रीय खेल पुरस्कार लौटाने के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। साल 1982 में अर्जुन पुरस्कार और 1987 में पद्म श्री से नवाजे गए करतार के साथ ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य पूर्व हॉकी खिलाड़ी गुरमेल सिंह और महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान राजबीर कौर आदि शामिल थे। गुरमेल को 2014 में ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया जबकि राजबीर को 1984 में अर्जुन पुरस्कार मिला।
एशियाई खेल 1978 और 1986 में स्वर्ण पदक जीतने वाले करतार ने कहा कि किसानों ने हमेशा हमारा साथ दिया है। हमें उस समय बुरा लगता है जब हमारे किसान भाईयों पर लाठीचार्ज किया जाता है, सड़कें बंद कर दी जाती हैं। किसान अपने अधिकारों के लिए कड़कड़ाती सर्दी में सड़कों पर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं और पुलिस महानिरीक्षक होने के बावजूद अब भी खेती करता हूं। रविवार को दिल्ली पहुंचे खिलाड़ियों ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से अपना मार्च शुरू किया लेकिन उन्हें पुलिस ने कृषि भवन के पास रोककर वापस भेज दिया।
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