

स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के सफलतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी ने आज के ही दिन 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था. छह साल पहले मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के बाद धोनी ने अचानक संन्यास लेने की घोषणा करके क्रिकेट प्रशंसकों को चौंका दिया. भारत की तरफ से 90 टेस्ट मैच खेलने वाले धोनी ने 38.09 की औसत से 4876 रन बनाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 224 का रहा जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही बनाया था. उन्होंने इस फार्मेट में छह शतक और 33 अर्धशतक लगाए हैं.

2014 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गई भारतीय टीम पहला टेस्ट मैच एडिलेड में 48 रन और दूसरा टेस्ट मैच ब्रिस्बेन में चार विकेट से हार गई थी. पहले टेस्ट मैच में अंगूठे की चोट के कारण धोनी नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह विराट कोहली ने कप्तानी की. मेलबर्न टेस्ट में धोनी टीम में वापस लौटे और किसी तरह यह टेस्ट टीम इंडिया ड्रॉ कराने में सफल रही. मैच खत्म होने के बाद धोनी जब ड्रेसिंग रूम पहुंचे तो उन्होंने साथी खिलाड़ियों को संन्यास की जानकारी दी. धोनी चाहते तो आसानी से 100 टेस्ट खेल सकते थे लेकिन हमेशा की तरह ही उन्होंने अपनी शर्तों पर यह फैसला लिया.
धोनी की कप्तानी ने 27 टेस्ट मैच जीते
भारत के सफलतम कप्तान धोनी के नेतृत्व में टीम इंडिया ने 60 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें टीम को 27 जीत मिली है. इसके अलावा धोनी एक मात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में टी-20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है. धोनी ने विराट कोहली के लिए साल 2014 में पहले टेस्ट टीम फिर 2017 में वनडे टीम की कप्तानी छोड़ दी. इस साल 15 अगस्त 2020 को धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट से भी संन्यास की घोषणा कर चुके हैं. हालांकि वह इंडियन प्रीमियर लीग खेलते रहेंगे.
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