

स्पोर्ट्स डेस्क। ऑस्ट्रेलिया ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है. सीरीज में आगे इंडिया की मुश्किलें बढे़ेंगी ही क्योंकि विराट कोहली पहले मैच के बाद इंडिया वापस लौट रहे हैं. रोहित शर्मा की भी दूसरे टेस्ट में वापसी नहीं होगी. हालांकि टीम के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने सभी की चिंताएं बढ़ा दी है। शॉ पहले टेस्ट की दोनों ही पारियों में फिसड्डी साबित हुए और सस्ते में निपट गए। पिछले कुछ समय से फॉर्म से जूझ रहे 21 वर्षीय बल्लेबाज को टीम प्रबंधन ने केएल राहुल और शुभमन गिल के ऊपर तवज्जो दी और प्लेइंग इलेवन में शामिल किया। लेकिन चार मैच खेल चुके शॉ को दोनों पारियों में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने आसानी से शिकार बनाया।
शॉ को पहली पारी में मिचेल स्टार्क ने शून्य पर तो दूसरी पारी में पैट कमिंस ने चार रन पर क्लीन बोल्ड किया। दोनों बार शॉ एक ही अंदाज में आउट हुए, जिसके बाद उनकी तकनीक पर सवाल उठने लगे। वहीं आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के उनके कोच और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने उनकी कमजोरियों को उजागर किया और बताया कि वह कहां चूक रहा है। पोंटिंग ने पहली पारी से पहले ही शॉ की कमजोरी बताते हुए कहा था कि उसे अंदर आती गेंद को खेलने में परेशानी होती है और बल्लेबाजी करते वक्त उसके बल्ले और पैड के बीच में काफी जगह होती है, जिससे उसके आउट होने के मौके बढ़ जाते हैं।"The problem and the worry is his front foot's not planted."@RickyPonting talks Prithvi Shaw's first Test dismissals #AUSvIND pic.twitter.com/7Vo8ukUNyg
— 7Cricket (@7Cricket) December 18, 2020

पोंटिंग की बात सही भी निकली जब शॉ स्टार्क की अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गए।इसके बाद दूसरी पारी में भी शॉ लगभग उसी तरह से आउट हुए और कमिंस की अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गए। इसपर पोंटिंग ने दोबारा से दोनों पारियों में उनके आउट होने के तरीके पर सवाल उठाया और उनकी असली कमजोरी को उजागर किया।पोंटिंग ने बताया कि शॉ ने दूसरी पारी में बल्ले और पैड के गैप को कम तो किया लेकिन अपने फ्रंट फुट पर काम नहीं किया। अंदर आती गेंद पर उसका अगला पैर हवा में ही रहा और वह गेंद के पास सही समय पर नहीं पहुंच पाया, जिसकी वजह से उसकी गिल्लियां फिर से बिखर गईं।
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