सियोल
साउथ कोरिया के एक पूर्व कोच को ऐथलीट का यौन उत्पीड़न करने का दोषी पाए जाने के बाद 10 साल से ज्यादा जेल में रहने की सजा सुनाई गई है। पूर्व स्पीड स्केटिंग कोच चो जे-बीओम को 2018 की ओलिंपिक गेम्स चैंपियन शिम सुक-ही का यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया।
MeToo अभियान में लगे थे कई आरोप
कोच ने इस ऐथलीट के खिलाफ मौखिक और शारीरिक शोषण की बात स्वीकार भी कर ली। ये आरोप पहली बार #MeToo आंदोलन के मद्देनजर लगाए गए थे, जब कई दक्षिण कोरियाई ऐथलीटों ने अपने कोचों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था।
'अनुशासन' के लिए किया शोषण
शिम ने कहा कि साल 2014 में उनका यौन उत्पीड़न शुरू हुआ, जब वह एक छात्रा थीं और प्योंगचांग ओलिंपिक खेलों से कुछ वक्त पहले तक कोच उनका उत्पीड़न करता रहा। बाद में चो ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि शिम के खिलाफ मौखिक और शारीरिक शोषण 'अनुशासन' के लिए किया गया था।
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